जून के महीने में रोजे रखना हिम्मत और सब्र का काम है। रोज़े रखने से सेहत दुरुस्त होती है। अगर रोजों के दौरान एहतियात से खानपान किया जाए तो शरीर स्वस्थ रहेगा।
रोजेदारों को चाहिए कि वे मौसम और सेहत के हिसाब से ही खानपान करें। मधुमेह, हृदय और ब्लड प्रेशर के रोगी अपने डाक्टर से खानपान संबंधी सलाह जरूर लें। रोजे के दौरान उन्हें बीपी, शुगर की जांच कराते रहना जरूरी है। यह कहना है दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय में डायटिशियन डा. ऋचा कुकरेती डोबरियाल का।
डॉ. कुकरेती ने बताया कि बच्चों, किशोरों, युवाओं, बुजुर्गों के लिए अलग-अलग खानपान तय होता है। इस मौसम में सहरी के समय फल, शरबत, जूस, लस्सी और ठंडी तासीर की खाने की चीजें फायदेमंद होती हैं। सहरी के वक्त बहुत ज्यादा न खाएं, हल्का भोजन करें। काली चाय और गुनगुना पानी फायदा करेगा। सहरी के वक्त पराठे या चिकनाई वाला खाना प्यास बढ़ाता है, इसलिए तली-भुनी चीजों से परहेज करें।
इसका सेवन लाभदायक
दही के साथ भुना हुआ जीरा और काला नमक, जलजीरा, नींबू पानी, जूस और लस्सी।
इफ्तार में पुदीना, धनिया, आम आदि की चटनी का प्रयोग करें।
उबली हुई चीजें खाएं, सोयाबीन व न्यूट्रीला उबाल कर खाना फायदेमंद होता है।
खीरा, टमाटर का सलाद, लौकी, तोरई, परवल, बींस का अधिक सेवन करें।
अंकुरित दालें, चनें बहुत ताकत देती है, मौसमी फलों का अधिकाधिक सेवन करें।