सचमुच ये किसी सपने के सच होने सरीखा था। दस दिन पहले नेगीदा स्ट्रेचर पर दिखे थे। असहाय, जिंदगी और मौत से जंग लड़ते। दिल पर खंजर चुभने से कम अहसास न था।
मगर शनिवार को व्हील चेयर पर विक्ट्री साइन बनाते जैसे ही नेगीदा दिखे, तो मानो पहाड़ पर बसंती बयार बह निकली। बुरांस के रंग और गहरे हो गए। मौल्यार आ गया।
लाखों लोगों के हाथों का दुआ के लिए उठना फलीभूत हुआ। हार्ट अटैक पड़ने के दस दिन बाद मैक्स हॉस्पिटल से नेगीदा डिस्चार्ज हो गए। हॉस्पिटल से छुट्टी के बाद अपने पहले बयान में नेगीदा ने जो कहा, वह सौ फीसदी सच ही है। नेगीदा ने कहा-प्रशंसकों की बदौलत उन्होंने एक बड़ी जंग जीत ली है।
उत्तराखंड रत्न प्रख्यात लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी की सेहत अब ठीक है। नेगी दा चंदन विहार कंडोली स्थित अपने घर लौट आए हैं। इस दिन का उनके प्रशंसकों को बेसब्री से इंतजार था।