मौसम के बदले मिजाज के बीच मंगलवार देर रात से बुधवार दोपहर तक मूसलाधार बारिश हुई। इसके चलते शहर की सड़कों पर पानी भर गया। कुछ जगहों पर बारिश का पानी घरों और दुकानों में भी घुस गया, जिससे लोगों को नुकसान झेलना पड़ा। दोपहर में सड़कों पर जलभराव होने से यातायात सुचारु कराने के लिए पुलिसकर्मी जूझते नजर आए।
बुधवार को बारिश के चलते वसंत विहार, इंदिरानगर, जीएमएस रोड, शिमला बाइपास, आईएसबीटी, हरिद्वार बाईपास, महाराजा अग्रसेन चौक, सहारनपुर चौक, घंटाघर, राजपुर रोड, जाखन, किशननगर, राजेंद्रनगर, चकराता रोड, इंदर रोड, दिलाराम चौक, बहल चौक, सर्वे चौक और डालनवाला समेत ज्यादातर इलाकों में सड़कों पर जलभराव हो गया। हालांकि, दोपहर में बारिश थमते ही पानी उतर गया। इससे लोगों को राहत मिल गई। वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक दून में 24 घंटे के भीतर 85.50 मिमी, सहसपुर में 72 मिमी और जौलीग्रांट में 80.40 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विज्ञानियों ने अगले 24 घंटे के भीतर तेज गर्जना के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।
कई जगह बिजली गुल
मंगलवार देर रात तेज हवा के साथ शुरू हुई बारिश से कई जगहों पर तार गिरने और जंपर उड़ने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसके चलते लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा। बारिश रुकने के बाद यूपीसीएल इंजीनियरों की अगुवाई में कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला और फाल्ट ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल की।
सड़कों पर मलबा आने से तीन राज्य मार्ग समेत 22 सड़कें बंद
मूसलाधार बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में तीन राज्य मार्गों के साथ ही 22 ग्रामीण सड़कों पर मलबा आने से यातायात बाधित हो गया है। जिलाधिकारी सोनिका के आदेश पर पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों की अगुवाई में सड़कों से मलबा हटाने का काम जारी है।
मंगलवार देर रात से बुधवार सुबह तक मंडल में हुई झमाझम बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। कुमाऊं में 40 सड़कें बंद हो गईं। इससे जगह-जगह वाहन फंस गए। नदियां उफान पर आ गईं। हल्द्वानी में सर्वाधिक 154 मिमी और पिथौरागढ़ सबसे कम 04 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
पिथौरागढ़ जिले के अंतिम गांव नामिक में बनी 50 किलोवाट की लघु जल विद्युत परियोजना क्षतिग्रस्त हो गई। जिले में 15 मकान खतरे की जद में आ गए हैं और एक मकान ध्वस्त हुआ है। ग्रामीण रास्तों को जोड़ने वाले पैदल पुल टूट गए हैं। तवाघाट-लिपुलेख सड़क के मलघाट के पास बंद होने से चीन सीमा से पिछले तीन दिनों से संपर्क कटा हुआ है। जिले में कुल 25 सड़कें बंद हैं।
चंपावत जिले में तीन ग्रामीण सड़कें बंद हैं। धौन के पास मलबा आने से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग एक घंटा बंद रहा। टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग पर एक घंटे तक उफनाए नाले ने आवाजाही ठप है।
बागेश्वर के कपकोट के शामा में एक मकान ध्वस्त हो गया। एक जिला मार्ग और छह ग्रामीण मोटर मार्गों पर यातायात बाधित है। बारिश की चेतावनी को देखते हुए डीएम रीना जोशी ने बृहस्पतिवार को भी कक्षा एक से बारह तक के सरकारी, गैर सरकारी, अशासकीय विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के निर्देश दिए हैं। नैनीताल में छह और अल्मोड़ा में एक सड़क बंद है।
नदियों का जलस्तर उफान पर
शारदा नदी का पानी शारदा घाट के ऊपर से बहने लगा है जिससे प्रशासन ने सुरक्षा के तहत अलर्ट जारी कर लोगों के शारदा घाट पर जाने पर रोक लगा दी है। शारदा घाट के निकट रहने वालों को सुरक्षा के तहत सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को कहा गया है।
शारदा नदी में अत्यधिक मलबा आने से एनएचपीसी प्रशासन ने टनकपुर से पावर चैनल की पानी सप्लाई बंद कर दी है जिससे पावर हाउस का उत्पादन ठप हो गया है। बनबसा में भी शारदा नहर की जलापूर्ति बंद की गई है। नदी में साफ पानी आने के बाद ही पावर चैनल और शारदा नहर में पानी छोड़ा जाएगा।
शारदा नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से अधिक हो गया। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स प्रशासन ने सुरक्षा के तहत बैराज से वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी।
रामनगर में धनगढ़ी नाला उफान पर है। नैनीझील का जलस्तर छह इंच बढ़ गया है। बुधवार को जलस्तर तीन फीट साढ़े दस इंच पहुंच गया है। उधर, भवाली-अल्मोड़ा हाईवे के भौर्या मोड़ के पास कोसी नदी के किनारे बुधवार दोपहर शव सड़ी-गली हालत में शव पड़ा मिला। उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है।