सांस्कृतिक संस्था धाद और अमर उजाला के संयुक्त तत्वावधान में जारी हरेला महापर्व और घी संग्रांद अभियान के तहत बृहस्पतिवार को मालदेवता मार्ग में फूलों के 200 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया। ग्राम प्रधान आरती खन्ना ने नीलमोहर का पौधा लगाया।
ग्राम प्रधान ने इस पहल को अनूठी बताते हुए इसे पूरे प्रदेश में ले जाने की जरूरत पर बल दिया। पुष्प वीथिका के संकल्प के बाबत धाद के सचिव तन्मय मंमगाई ने बताया कि मालदेवता मार्ग पर 75 पौधे लगाए गए थे, जिसमें तीन रंगों के पौधे रोपित किए गए थे, जिसमें पीला अमलतास, लाल बोटल ब्रश, नीला नील मोहर के पौधे शामिल रहे। साल भर की देखभाल के बाद अब पौधे पेड़ में तब्दील हो गए हैं। स्मृतिवन के संयोजक वीरेंद्र खंडूरी ने कहा कि जब देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने की बात चल रही, तब सड़क किनारे वृक्षों को लेकर भी प्रावधान होने चाहिए। अमूमन सड़क किनारे वृक्षों की सुरक्षा को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जाता है।
कहा कि इससे पेड़ों को बचाना मुश्किल होता है। स्मृतिवन के सहसचिव सुशील पुरोहित ने बताया कि वृक्षों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए धाद की ओर से बांस के ट्री गार्ड तैयार किए गए हैं, जो सस्ते होने के साथ ही टिकाऊ भी हैं। धाद अध्यक्ष लोकेश नवानी ने कहा कि सांस्कृतिक विचार से आगे बढ़ हरेला को सार्वजनिक अभियान का आकार दे दिया गया है। आज हरेला उत्तराखंड के अलावा भारत और दुनिया के कई देशों में मनाया जा रहा है। इस मौके पर साकेत रावत, इंदूभूषण सकलानी, सुरेंद्र अमोली, मनोहर लाल शर्मा, नीना रावत, आशा डोभाल, अनुव्रत नवानी, केशव मंमगाई, शुभम शर्मा आदि मौजूद थे।