राजभवन में शनिवार से दो दिवसीय वसंतोत्सव का आगाज होगा। इसमें पुष्प प्रदर्शनी के अलावा स्कूली बच्चों की पेंटिंग व फिलैटली प्रतियोगिता, लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम, आईटीबीपी जवानों की साहसिक गतिविधियां और आपदा के दौरान बचाव व राहत गतिविधियों का प्रशिक्षण मुख्य आकर्षण होगा। इस वर्ष विशेष आवरण के रूप में बद्री तुलसी को प्रदर्शित किया जाएगा।
शुक्रवार को राजभवन में राज्यपाल डा. केके पाल ने पत्रकारों को बताया कि इस बार वसंतोत्सव में कुछ नए प्रयोग भी किए गए हैं। पहली बार वर्टिकल गार्डन के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों में उद्यानिकी को बढ़ावा देने की पहल की गई है, जिसमें कम स्थान पर विशेषकर घर की छत अथवा बालकनी में पुष्प एवं जैविक सब्जियों की खेती की जा सकती है।
वसंतोत्सव में पुष्प उत्पादकों और ग्राहकों के बीच समन्वय बनाने के लिए पहली बार बायर-सेलर मीट का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्कूली बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता में इस वर्ष बालगृह के बच्चे भी प्रतिभाग करेंगे। जबकि नारी निकेतन के स्टाल में संवासिनियों के तैयार उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।
दो दिवसीय आयोजन में थलसेना की 116 इन्फैंट्री ब्रिगेड का खुखरी डांस, आईटीबीपी के आपदा राहत व बचाव की तकनीक व उपयोग में लाए जाने वाले यंत्रों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही लोहाघाट व पिथौरागढ़ के लोहे के बर्तनों और अल्मोड़ा के तांबे के बर्तनों का प्रदर्शन व बिक्री भी की जाएगी। इस अवसर पर आवास सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, पोस्टमास्टर जनरल उदय कृष्ण समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मल्टीप्लेक्स में डॉक्यूमेंट्री
अधिक से अधिक लोगों को वसंतोत्सव के लिए आमंत्रित करने और प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से राजभवन ने नई पहल की है। दून के सभी मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों में पिछले साल के आयोजन की पांच मिनट की डाक्यूमेंट्री दिखाई जा रही है।
दिया जाएगा नगद पुरस्कार
पहली बार राज्यपाल की पहल पर स्कूली बच्चों की डाक टिकट संग्रहण (फिलैटली) प्रतियोगिता भी आयोजित होगी। इसमें राज्यपाल के संग्रहित टिकटों की प्रदर्शनी भी लगेगी। पुष्प विषय पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिता के लिए 25 आवेदन मिले हैं। विजेता को पांच हजार, फर्स्ट रनर अप को तीन हजार और सेकेंड रनर अप को दो हजार रुपये का नगद पुरस्कार मिलेगा।