टीडीएस के चक्कर में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना संचालित कर रहे सरकारी अस्पतालों का भुगतान फंस गया है। सरकारी अस्पतालों के आयकर विभाग को योजना के मद में मिले पैसे का टीडीएस देने की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
इसी वजह से बीमा कंपनियों ने सरकारी अस्पतालों का भुगतान रोक दिया है। वहीं निजी अस्पतालों के टीडीएस का मामला साफ होने से बीमा कंपनी उनका भुगतान कर रही हैं।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के मामले भुगतान की दिक्कत के मद्देनजर स्वास्थ्य अधिकारियों की टीमों ने निजी और सरकारी क्षेत्रों के अस्पतालों का निरीक्षण किया।
इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि भी रहे। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना से 95 सरकारी अस्पताल और 82 निजी अस्पताल जुड़े हुए हैं। दोनों तरह के अस्पतालों में लाभार्थियों के इलाज के क्लेम का भुगतान बीमा कंपनी करती है।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक डा. एचसी मार्तोलिया ने बताया कि सरकारी अस्पतालों के बीमा क्लेम के भुगतान का मामला जल्दी ही सुलट जाएगा। इस संबंध में आयकर विभाग से वार्ता की जा रही है।
दो-चार अस्पतालों में लाभार्थी का बिल अधिक होने से भुगतान लटका है। यह समस्या सुलट जाएगी। निरीक्षण के दौरान लाभार्थियों ने भी दिक्कत बताई उसे दूर कर दिया जाएगा।
कुछ केस में पाया गया कि एमएसबीवाई के कार्ड पर परिवार के एक-दो सदस्य का नाम छूट गया। अगर लाभार्थी बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों को सूचना देकर अपना राशन कार्ड लेकर जाएगा तो उसे अस्पतालों में इलाज मिल जाएगा। प्रत्येक जिले में बीमा कंपनी के दो प्रतिनिधि रहते हैं। किसी को दिक्कत आ रही है तो बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों से बात कर सकता है।