बुधवार देर रात जिले में हुई तेज बारिश से नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग पर तेफना गांव का गदेरा उफान पर आ गया, जिससे गदेरे का पानी और मलबा कई घरों में घुस गया और लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीण आधी रात को ही घरों को छोड़ सुरक्षित स्थानों पर चले गए। ग्रामीणों ने कहा कि गदेरे के तटबंध क्षतिग्रस्त पड़े हैं जिससे गदेरे का जल स्तर बढ़ते ही पानी गांव में घुस रहा है। उन्होंने शीघ्र तटबंध का सुधारीकरण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
बीते वर्ष मची थी तबाही
बीते वर्ष जल प्रलय के बाद 24 जून को नौली-हिंडोली में बादल फटने और तेफना गदेरे के उफान पर आने से तेफना गांव में तबाही मची थी। तब प्रशासन ने गदेरे के तटबंधों के सुधारीकरण की बात कही, लेकिन अभी तक तटबंध क्षतिग्रस्त पड़े हैं।
एक वर्ष बाद भी प्रशासन ने तटबंधों का सुधारीकरण नहीं किया जिससे बुधवार करीब 11 बजे गदेरे में जल स्तर बढ़ा और गदेरे का पानी और मलबा गांव में घुस गया।
गांव में पानी घुसता देख ग्रामीणों ने मध्य रात्रि में ही अपने भवनों को छोड़ हिम ऊर्जा के गेस्ट हाउस में शरण ली।