देहरादून के सेलाकुई में आसन नदी के अचानक उफान पर आने से 35 लोगों की जान पर बन आई।
ढाई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
नदी के बीच बने टापू में फंसे लोगों को पुलिस, फायर ब्रिगेड और जल पुलिस के जवानों ने जान की बाजी लगाकर करीब ढाई घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सकुशल निकाल लिया।
इसमें 10-12 महिलाएं शामिल हैं। सभी सेलाकुई इंडस्ट्री एरिया में काम करते हैं और आसन पार शिमला बाईपास रोड के अलग-अलग गांवों में रहते हैं। छुट्टी होने के बाद सभी आसन को पार कर घर लौट रहे थे। तेज बहाव में कई जानवर भी बह गए।
गुरुवार शाम करीब साढे़ छह बजे आसन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसके चलते नदी पार कर रहे लोग सभावाला चौकी क्षेत्र अंतर्गत तीन अलग-अलग जगहों में नदी की दो धाराओं के बीच फंसे टापू में फंस गए।
सभी मदद के लिए शोर मचाने लगे। आसपास के लोगों ने इसकी जानकारी सहसपुर पुलिस को दी। सीओ एसके सिंह और थानाध्यक्ष यशपाल बिष्ट मयफोर्स मौके पर पहुंचे। दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने सभी को रस्सियों और राफ्ट सहारे सुरक्षित निकाल लिया।
लगाई जान की बाजी
उफनाई नदी में फंसी जिंदगियों को बचाने के लिए मानो खाकी मसीहा बनकर आई। लगातार नदी में जलस्तर बढ़ने से टापू में फंसे लोगों की जिंदगी पर बन आई।
30 से अधिक लोगों को रेस्क्यू करने के बाद करीब पांच लोग टापू में अंत तक फंसे रहे। इसके बाद राफ्ट मंगाई गई।
राफ्ट में सवार होकर सीओ एसके सिंह की अगुवाई में चौकी इंचार्ज डाकपत्थर भुवन चंद, सहसपुर थाने में तैनात सिपाही रविंद्र कुमार, जल पुलिस के जवान संजय और सतपाल ने जान की बाजी लगाकर सभी को सुरक्षित बचा लिया।
इससे पहले इन्हीं जवानों ने रस्सियों के सहारे 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।