मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में सचिवालय में मंगलवार को टिहरी झील में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने को लेकर बैठक हुई। बैठक में प्लांट लगाने के लिए सर्वे कराने का निर्णय लिया गया। सर्वे का कार्य सोलर इनर्जी कारपोरेशन ऑफ इंडिया तीन माह में करेगी। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टिहरी झील में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने की घोषणा की है।
बैठक में सर्वे कार्य के लिए स्थल निर्धारण को एक समिति का गठन किया गया। समिति में उरेडा, मत्स्य विभाग, पर्यटन, नागरिक उड्डयन तथा टीएचडीसी के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। बैठक में बताया गया कि टिहरी पॉवर हाउस से 3 किमी का क्षेत्र प्रतिबंधित श्रेणी में आता है। प्रतिबंधित क्षेत्र के बाद पर्यटन गतिविधियां संचालित होती है। अत: डोबरा चांठी पुल निर्माण के बाद इस क्षेत्र में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का सर्वे किया जाए।
टिहरी झील में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट के सर्वे का कार्य करने वाली कंपनी इस संबंध में विभागीय संस्तुतियों को ध्यान में रखते हुए कार्य करेगी। बैठक में पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि पर्यटन गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए छोटे छोटे बांधों और झीलों पर फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने की संभावना भी तलाशी जा रही है। सचिव ऊर्जा राधिका झा ने बताया कि सर्वे के उपरांत इस परियोजना के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था का चयन किया जाएगा।