पिछले तीन दिनों से लोनिवि के इंजीनियरों की टीम मरीना को सुरक्षित स्थान पर निकालने के लिए कसरत में जुटी हुई थी। रविवार को टीम के फ्लोटिंग मरीना को सुरक्षित निकाल कर खड़ा कर दिया है। लोनिवि के ईई केएस नेगी ने बताया कि इस कार्य के लिए विभाग ने 9 लाख का आंकलन शासन को दिया था।
उन्होंने बताया कि मरीना को सुरक्षित निकालकर रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। अब प्रशासन को फ्लोटिंग मरीना को विशेषज्ञों की निगरानी में झील में फ्लोट करना है। मरीना को कितना नुकसान हुआ है, यह जांच बाद विशेषज्ञ ही बता पाएंगे।
टिहरी झील में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2015 में प्रदेश सरकार ने करोड़ों रुपये की मरीना को झील में उतरा था। फ्लोटिंग मरीना में झील क्षेत्र में आने वाले सैलानियों को भोजन और अन्य खाद्य पदार्थ की सुविधा प्रदान करना था, लेकिन मरीना का संचालन न होने पर वह झील किनारे खड़ी थी। 16 मई 2018 में मरीना में पहली बार कैबिनेट की बैठक भी आयोजित की गई थी।