एक जून को हेमकुंड साहिब के कपाट खुले थे। तब यहां आस्था पथ पांच फीट तक बर्फ से ढका हुआ था। सेना के जवानों ने बर्फ को काटकर तीर्थयात्रियों के लिए रास्ता बनाया था। अटलाकुंडी से हेमकुंड साहिब तक घोड़े-खच्चरों की आवाजाही भी नहीं हो पा रही थी।
अब तापमान बढ़ने से हिमखंड और रास्ते की बर्फ पिघल गई है। हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि हेमकुंड साहिब तक घोड़े-खच्चरों की आवाजाही शरू हो गई है। अभी तक दो किलोमीटर पैदल सफर करने में कई तीर्थयात्रियों को दिक्कतें हो रही थी। अभी तक 174449 तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं।