देहरादून। बस चालक गोपाल सिंह की मौत के करीब एक साल बाद उनकी बेटियों ने पांच लोगों पर पिता की पीटकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। सोमवार को पत्रकार वार्ता में बेटियों किरण रावत और आरोही रावत ने आरोप लगाया कि 11 अक्तूबर 2025 को आरोपियों ने शराब के नशे में उनके पिता के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। इसके बाद 18 अक्तूबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बेटियों का आरोप है कि घटना की शिकायत पुलिस को देने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
किरण और आरोही ने बताया कि उनके पिता गोपाल सिंह बस चालक थे। 11 अक्तूबर को पांच लोगों ने उनके साथ मारपीट की। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि मारपीट करने वाले लोग ही उनका इलाज भी करा रहे थे। परिजनों को घटना और इलाज के संबंध में पूरी जानकारी नहीं दी गई।
बेटियों के मुताबिक, 18 अक्तूबर को गोपाल सिंह की मौत हो गई। आरोप है कि पिता की मौत के बाद भी आरोपियों ने उनका पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। अस्पताल से शव घर लाया गया और महज 15 से 20 मिनट बाद ही उसे हरिद्वार ले जाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिता की मौत सामान्य नहीं थी, बल्कि मारपीट में लगी चोटों के कारण हुई थी। मामले में पांच लोगों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए। बेटियों ने पुलिस से घटना की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।