प्रदेश की गिरती उच्च शिक्षा को संभालने के लिए 500 नये अस्थायी शिक्षक भर्ती होंगे। यह शिक्षक बाद में सीधे स्थायी कर दिए जाएंगे। उच्च शिक्षा मंत्री ने दून विवि में आयोजित छात्रसंघ पदाधिकारी सम्मेलन में बताया कि प्रदेश के कॉलेजों में प्रिंसिपल दस दिन के भीतर ज्वाइनिंग देंगे।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में छात्रों ने पहाड़ के कॉलेजों में शिक्षक व प्रिंसिपल न होने का मुद्दा उठाया। छात्रों ने बताया कि कई कॉलेजों में तो केवल एक ही शिक्षक के भरोसे ग्रेजुएशन और पीजी दोनों चल रहे हैं। शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रिंसिपल के खाली पड़े पदों को भरने के लिए डीपीसी हो चुकी है।
दस दिन के भीतर कॉलेजों में प्रिंसिपल ज्वाइनिंग दे देंगे। साथ ही, शिक्षकों के करीब 750 खाली पदों को भरने के लिए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा गया है, लेकिन उस पर तेज काम होने की उम्मीदें कम हैं। लिहाजा, शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए उच्च शिक्षा आयोग के गठन पर काम शुरू कर दिया गया है।
पूर्ण यूजीसी योग्यता वाले शिक्षक होंगे भर्ती
dhan singh rawat
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चूंकि जुलाई में सत्र शुरू हो जाएगा, लिहाजा सभी कॉलेजों में फिलहाल पूर्ण यूजीसी योग्यता वाले 500 शिक्षक भर्ती किए जाएंगे। बाद में इन्हें स्थायी कर दिया जाएगा। अभी तक अस्थायी शिक्षकों को अधिकतम 25 हजार रुपये वेतन मिलता था, जिसे बढ़ाकर सीधे 35 हजार रुपये कर दिया गया है।
कॉलेजों में हर साल 22 मदों में जमा होने वाले शुल्क की जांच शुरू करा दी गई है। शुरुआत में गढ़वाल के दस कॉलेजों की जांच हो रही है। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि डीएवी जैसे महाविद्यालय में हर साल लाखों रुपये रखरखाव के लिए आते हैं, लेकिन धरातल पर इनका इस्तेमाल नहीं किया जाता है। कई कॉलेजों में फिजूल के शुल्क लिए जा रहे हैं। इनकी जांच की जाएगी। जो शुल्क खातों में सड़ रहा है, उसका इस्तेमाल किया जाएगा। अवैध शुल्क लेने वाले कॉलेजों पर शिकंजा कसा जाएगा।