कुंभ धर्म ध्वज की स्थापना के साथ ही देवप्रयाग में बृहस्पतिवार को पहली बार अर्द्धकुंभ स्नान की शुरुआत की गई। तीर्थ पुरोहित समाज ने गंगा पूजन किया। अर्द्धकुंभ स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ तड़के से ही उमड़नी शुरू हो गई थी। इस मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
अलकनंदा और भागीरथी के संगम स्थल पर बदरीश पंडा पंचायत, बदरीश युवा पुरोहित संगठन और संत समाज ने गंगा पूजन किया। इसके साथ ही यहां दो दिवसीय अर्द्धकुंभ स्नान की शुरुआत भी हो गई।
30 फीट ऊंचा धर्मध्वज स्थापित
इस मौके पर डॉ. शैलेंद्र शास्त्री और पुरोहितों ने शाश्वत धाम लक्ष्मोली के संस्थापक अद्वेतानंद महाराज को स्नान कराया। साथ ही तीर्थनगरी में 30 फीट ऊंचे धर्म ध्वज की स्थापना भी की गई। देवप्रयाग को पहली बार कुंभ मेला क्षेत्र में शामिल किया गया है।
इस अवसर पर हुई धर्म सभा में केके कोटियाल, श्याम लाल पंचपुरी, राजेंद्र त्रिपाठी, अजय तिवाड़ी, कांता प्रसाद, गणेश महाराज ने धर्म, आध्यात्म व कुंभ के महत्ता की जानकारी दी गई। इस अवसर पर तहसीलदार बीएस मंडागी, थानाध्यक्ष हेमंत खंडूड़ी, विनोद टोडरिया, माधव पंचपुरी, नटवर लाल आदि मौजूद थे।