मौजूदा दौर में यह सुनना अजीब लगता है कि हरिद्वार जिले में ऐसा गांव भी है जहां से आज तक कोई सरकारी नौकरी में नहीं है।
यद्यपि यहां कई युवक स्नातक और परास्नातक हैं। पहली बार ऐसा हुआ कि हरसीवाला गांव के किसी व्यक्ति को सरकारी नौकरी मिली है। सोमवार को महेश कुमार फौज में ट्रेनिंग के लिए रवाना हुआ तो गांववालों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उसे विदा किया।
फौज में सिपाही के पद पर भर्ती हुए बीए पास महेश ट्रेनिंग के लिए गांव से लैंसडाउन के लिए रवाना हुआ। उसने बताया कि वहां से वह ट्रेनिंग के लिए नासिक जाएगा। महेश के पिता कृपाल सिंह चौहान व मां राजवती बेटे की इस सफलता पर फूले नहीं समा रहे हैं।
सोमवार को युवक के ट्रेनिंग के लिए रवाना होने पर परिजनों व ग्रामीणों ने उसका माल्यार्पण कर ढोल-नगाड़ों से विदाई दी। इस दौरान उसे बुजुर्गों ने देश सेवा करने के लिए आशीर्वाद दिया। कलीराम, शेरसिंह, जौहरी, जगदीश, पतराम, चंदर आदि बुजुर्ग ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक उनके गांव से कोई सरकारी नौकरी पर नहीं था।