उत्तराखंड में साइबर पुलिस स्टेशन वजूद में आ गया है। बुधवार को इस बाबत शासनादेश जारी हो गया है।
आईटी से संबंधित सभी मामले यहीं दर्ज होंगे
सूचना तकनीकी अधिनियम (आईटी एक्ट) के तहत पंजीकृत सभी मुकदमों की विवेचना और आरोप पत्र दाखिल करने का काम साइबर थाना पुलिस करेगी। देहरादून में स्थित यह थाना एसटीएफ के नियंत्रण में रहेगा। इस थाने की प्रयोगशाला पहले ही बनकर तैयार है जिसे अभी एसटीएफ इस्तेमाल कर रही है।
थाने की स्थापना की कवायद केंद्र सरकार के आदेशों के पालन में की गई है। दरअसल, हर राज्य को आदेश है कि सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित सभी अपराध दर्ज कर उनकी विवेचना करने के लिए अलग से साइबर पुलिस स्टेशन हो। आईटी से संबंधित सभी मामले यहीं दर्ज होंगे।
और यदि किसी अन्य पुलिस थाने में यदि कोई अपराध दर्ज होता है तो वह मुकदमा साइबर थाने को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। एसटीएफ मुख्यालय देहरादून से संचालित होने वाले थाने के संचालन की जिम्मेदारी एसटीएफ एसपी सदानंद दाते के पास रहेगी।
अभी तक साइबर क्राइम से जुड़े राज्य स्तरीय मामले अभी तक एसटीएफ के जिम्मे होते हैं। जिलों में जिला पुलिस कप्तान के अधीन एक साइबर प्रकोष्ठ यह काम करता था। लेकिन यह झंझट खत्म हो जाएगा।
एसपी एसटीएफ सदानंद दाते ने बताया कि साइबर थाने में एटीएम से जालसाजी, नेट बैंकिंग संबंधी अपराध, वेबसाइट हैकिंग के अलावा सोशल साइट के जरिये होने वाले अपराधों की स्वतंत्र जांच होगी। इसके लिए पचास कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है।
पुलिस मुख्यालय को निर्देशित किया है कि साइबर अपराधों से संबंधित मामले इस थाने को ट्रांसफर कर दिए जाएं। थाने के लिए जरूरी पदों का सृजन भी कर दिया गया है।
- एमएच खान, प्रमुख सचिव गृह