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पहले दिन मंथन शिविर में चिंतन से भटक गई कांग्रेस

Wed, 21 Jan 2015 04:13 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
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कांग्रेस का दो दिनी मंथन शिविर हल्द्वानी के काठगोदाम सर्किट हाउस में शुरू हुआ। मंगलवार को शिविर में गुबार इस कदर फूटा कि उसके लपेटे में कांग्रेस की केंद्र की राजनीति से लेकर उत्तराखंड की राजनीति तक आ गई।
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जसपुर के विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल इतने मुखर रहे कि कही-अनकही सब कह गए। उन्होंने कांग्रेसियों के कथित रूप से अवैध खनन में लिप्त होने की बात कहकर वहां मौजूद सभी लोगों को स्तब्ध कर दिया।

विजय बहुगुणा का गुट रहा हावी
कुमाऊं स्तरीय मंथन शिविर में कार्यकर्ताओं की राय जानने के लिए कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी, राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, प्रदेश सह प्रभारी संजय कपूर, मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, वित्तमंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश, सिंचाई मंत्री यशपाल आर्या समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
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मंथन शिविर में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का गुट यहां भी हावी रहा। विधायक डॉ. सिंघल भी पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के समर्थक माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन की गाज एक ही पर क्यों गिरी। परिवर्तन से पहले रायशुमारी क्यों नहीं हुई। सरकार की छवि खराब होने में कई और लोग भी दोषी थे।

ऐसे लोगों को क्यों बचाया गया। उन्होंने कहा कि अगर परिवर्तन इतना आवश्यक हो गया था तो कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि लालबत्ती या दायित्व बांटने से पहले जिलाध्यक्षों की राय लेनी चाहिए, जिससे पता चल सके कि दायित्व सक्रिय और जिम्मेदार व्यक्ति को दिया गया है। घर से न निकलने वालों को अगर दायित्व दिया गया तो पार्टी का बंटाधार हो जाएगा।  

विधायक डॉ. सिंघल ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश के सभी नेताओं की बैठक कर समन्वय स्थापित करने की नसीहत दी थी। बड़े नेताओं पर नसीहत का कोई असर नहीं हुआ है। बड़े नेता कार्यकर्ताओं को तवज्जो नहीं दे रहे हैं।

भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ कार्रवाई न होने से 2014 के चुनाव में पार्टी की लुटिया डूबी। दिल्ली में चुनाव से ऐन वक्त पहले अजय माकन के बेतुके बयान (पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का सूर्य अस्त हो चुका है) से पार्टी को नुकसान झेलना पड़ा। ऐसे बेतुके बयानबाजी करने वाले नेताओं के खिलाफ पार्टी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस का उद्धार होना मुश्किल है।
- डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल, जसपुर विधायक

राहुल कार्यकर्ताओं से संवाद नहीं करते हैं। कांग्रेस के फ्रंटल संगठन मृत प्राय हो चुके हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार भी कांग्रेस से दूर हो रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों को जोड़ने का काम किया था, इसे फिर से शुरू किया जाना चाहिए।
- राजेंद्र दुर्गापाल, कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक

पार्टी कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है, अगर हालात ऐसे ही रहे तो 2017 में पार्टी के लिए काम नहीं करेंगे।
- बीना जोशी, कांग्रेस प्रदेश सचिव

पीडीएफ के लिए यहां भी खोला मोर्चा
पीडीएफ के खिलाफ मंथन शिविर में भी नेताओं ने मोर्चा खोला। जसपुर विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने कहा कि ऊधमसिंह नगर जिले में नौ विधानसभाएं और वहां का प्रभारी मंत्री का जिम्मा पीडीएफ कोटे से मंत्री एमपी नैथानी को दिया गया है।

सबसे अधिक विधानसभा वाले जिले में कांग्रेस हाशिए पर आ गई और उन्होंने अपनी टीम खड़ी कर ली है। कार्यकर्ताओं की न तो मंत्री सुन रहे हैं और न ही अधिकारी। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री का जिम्मा कांग्रेस कोटे के किसी मंत्री को दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मंत्रियों को घर के बाहर निकलकर क्षेत्र का दौरा करना चाहिए। मंत्री सुस्त पड़ गए हैं और कार्यकर्ता पस्त हो रहा है। डॉ. सिंघल ने कहा कि प्रदेश में सुनियोजित विकास नहीं हो रहा है। दैवीय आपदा और एससी-एसटी योजनाओं के मद में आने वाली धनराशि भी समय पर नहीं मिल पा रही है। सरकार में प्रभावशाली लोगों की सुनी जा रही है। मंत्रियों का कद देखकर विकास कार्यों पर मुहर लग रही है।

2017 में जवाब देना पड़ेगा भारी
मंथन शिविर के दौरान विधायक सिंघल ने कहा कि लगातार घोषणाएं की जा रही हैं लेकिन वे पूरी कैसे होंगी, इस पर विचार नहीं हो रहा है। 10 करोड़ रुपये की सड़क के लिए 10 हजार रुपये टोकन मनी दी जा रही है और फिर मामला ठंडे बस्ते में। लगातार हो रही घोषणाएं अगर पूरी नहीं हुईं तो 2017 में जनता को जवाब देना भारी पड़ेगा।

सरकार नहीं प्रदेश में एक गुट कर रहा काम
प्रदेश में सरकार नहीं बल्कि एक गुट काम कर रहा है। विधायक सिंघल ने मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके गुट के लोगों की ही अधिकारी सुन रहे हैं। अपनी ही सरकार में कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।

खनन के लिए छलनी की जा रहीं नदिया
विधायक सिंघल ने कहा कि प्रदेश में नदियों से खनन करने की होड़ लगी हुई है। मानकों को दरकिनार कर नदियों का सीना चीरा जा रहा है लेकिन शासन मौन है। नदियों में लूट-खसोट करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

संघर्षों से हुआ है कांग्रेस का जन्म
कांग्रेस को फिर से ऊंचाइयों तक पहुंचाने, कार्यकर्ताओं की परेशानी समझने, लोगों के बीच पार्टी की छवि बदलने और कांग्रेस मुक्त भारत की बात करने वालों की काट ढूंढने के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी राय रखी।

प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, प्रदेश सह प्रभारी संजय कपूर, मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश, सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य की मौजूदगी में मंथन शिविर में आठ समूह के लोगों ने अपनी राय दी।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत की बात करने वाले लोग देश में सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी का जन्म संघर्षों से हुआ है। कांग्रेस ने 1977 भी देखा था और फिर उबरकर खुद को स्थापित किया था। मंथन शिविर के पहले दिन आठ समूहों ने अपनी राय रखी।

प्रत्येक समूह में 31 लोग थे। इस दौरान प्रदेश प्रवक्ता विधायक ललित फर्स्वाण, मनोज तिवारी, पूर्व विधायक रंजीत रावत, प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया, संजीव आर्य, जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, शहर अध्यक्ष हरीश सिंह मेहता, हेमंत बगड्वाल, इकबाल भारती, खजान पांडे, राजेंद्र सुयाल, राजेंद्र बिष्ट, ललित जोशी, हरेंद्र बोरा, महेश शर्मा, केदार पलड़िया, राहुल छिम्वाल, राजेंद्र नेगी, सुष्मिता पंत, दया सनवाल, रत्ना श्रीवास्तव, राजो टंडन, गुरप्रीत सिंह प्रिंस आदि थे।
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