केदारनाथ और गंगोत्री में बड़े वाहनों का पहुंचना मुश्किल
फिलहाल ये एटीवी केदारनाथ और गंगोत्री धाम के लिए खरीदे जाएंगे। इन जगहों पर बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच पाती हैं। न ही यहां के संकरे रास्तों पर फायर सर्विस के छोटे रेस्क्यू वाहन पहुंच पाते हैं। ऐसे में इन जगहों के लिए एटीवी ही उपयुक्त वाहन हैं। जल्द ही इनके लिए बजट मिलने की उम्मीद है। यदि ये यहां सफल हो गए तो अन्य पहाड़ी स्थानों के लिए भी एटीवी खरीदे जाएंगे। -नीरू गर्ग, आईजी फायर सर्विस
एनडीएमए ने भी की है सिफारिश
पिछले दिनों राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकण ने भी पहाड़ी स्थानों के लिए एटीवी की ही सिफारिश की है। इसके साथ ही भारत सरकार ने भी सभी पहाड़ी राज्यों को इस तरह के वाहन खरीदने को कहा है। ताकि, संकरे रास्तों पर आसानी और तेजी से पहुंचकर लोगों की जान बचाई जा सके। इन वाहनों पर आग बुझाने के लिए पानी ले जाने की सुविधा भी रहेगी। यानी ये वाहन रेस्क्यू के लिए जवानों को ले जाने के साथ-साथ आग बुझाने का काम भी करेंगे।
ये भी पढ़ें...Badrinath Highway: जोशीमठ तक लगा पांच किमी लंबा जाम, छह घंटे फंसे रहे यात्री, यहां विकराल हो रही स्थिति
दो रोबोट भी खरीद रही पुलिस
आग बुझाने के लिए जान का जोखिम करने को फायर सर्विस जल्द ही रोबोट का सहारा भी लेगी। इसके लिए पिछले साल मंजूरी मिली थी। अब दो रोबोट की खरीद के लिए टेंडर भी फायर सर्विस की ओर से जारी कर दिए गए हैं। आगामी 20 सितंबर तक विक्रेताओं से बिड मांगी गई हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधुनिक रोबोट फायर सर्विस के बेड़े में शामिल हो जाएंगे।