पेयजल आपूर्ति को लेकर कई बार की गई शिकायत का संज्ञान न लेना देहरादून जल संस्थान को भारी पड़ गया।
मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला उपभोक्ता फोरम ने विभाग को जल्द पेयजल आपूर्ति दुरुस्त करने और पीड़ित उपभोक्ता को 25 हजार रुपए क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। वहीं, शासन को एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा है।
शांति विहार कॉलोनी, माजरा निवासी रीटा ने छह मार्च 2014 को जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि उनकी कालोनी में पेयजल लाइन बहुत पुरानी है, जिससे पेयजल आपूर्ति सही तरीके से नहीं हो रही है।
वहीं, एडीबी द्वारा सीवर लाइन बिछाने के काम के दौरान पाइप लाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे दूषित पानी आ रहा है। बताया गया कि इस संबंध में एडीबी के कार्यालय से कई बार अनुरोध किया, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
मामले में जल संस्थान पित्थुवाला के अधिशासी अभियंता ने आश्वासन दिया था कि कालोनी की प्लास्टिक की पाइप लाइन दो इंच की जगह छह इंच की कर दिया जाएगा। लेकिन, यह भी नहीं हुआ। रीटा ने पेयजल आपूर्ति सही न होने के चलते बच्चों के स्कूल जाने और पति के कचहरी पहुंचने में देरी होने की शिकायत भी की थी।
उपभोक्ता फोरम में सुनवाई के दौरान अधिशासी अभियंता पीडी पोखरियाल ने कहा कि पेयजल लाइन एडीबी द्वारा क्षतिग्रस्त की गई है। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष बलवीर प्रसाद और सदस्य अलका नेगी ने अपने संयुक्त फैसले में कहा कि सुनवाई में यह सामने आया कि जल संस्थान और एडीबी में तालमेल नहीं है, अगर तालमेल हो तो जहां जनता को सुविधा मिलेगी। वहीं सरकारी धन की भी बचत होगी।
ईई के वेतन से होगी कटौती
जिला उपभोक्ता फोरम ने अपने फैसले में कहा कि क्षतिपूर्ति की धनराशि मामले में दोषी अधिशासी अभियंता के वेतन से काटी जाए।