सूचना के अधिकार को गंभीरता से न लेना लोक सूचना अधिकारी को महंगा पड़ा है। राज्य सूचना आयुक्त अनिल शर्मा ने नौ माह देर से सूचना देने पर लोक सूचना अधिकारी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
कुछ कैदियों के बारे में मांगी थी सूचना
पौड़ी गढ़वाल के पुरुषोत्तम कंडवाल ने जिला कारागार पौड़ी से कुछ कैदियों को जेल में बंद किए जाने की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मांगी थी।
इन अभियुक्तों को 13 अगस्त, 2013 को लक्ष्मण झूला थाने से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हद तो यह रही कि कारागार से अपीलकर्ता को यह सामान्य जानकारी भी नौ माह तक नहीं मिल पाई।
अपीलीय अधिकारी से की गई अपील के बाद भी जानकारी नहीं मिली तो मामला राज्य सूचना आयुक्त अनिल शर्मा के पास पहुंचा।
आयुक्त ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि सूचना देने में लोक सूचना अधिकारी ने जरूरत से ज्यादा देर की। कोर्ट की सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता को सूचना भी दे दी गई।
इस मामले को देखते हुए आयुक्त ने जिला कारागार पौड़ी के लोक सूचना अधिकारी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।