रुद्रप्रयाग जिले में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के आधारभूत ढांचा सुदृढ़ीकरण कार्यों में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति ने बिना वित्तीय स्वीकृति छह आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में निर्माण एवं मरम्मत कार्य कराने और एक कार्य का नियम विरुद्ध भुगतान किए जाने के मामले में जिला लेखा प्रबंधक पवन कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारूल गोयल ने तीन दिन में इसका स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में तत्कालीन सीएमओ रुद्रप्रयाग व वर्तमान सीएमओ नई टिहरी डॉ. राम प्रकाश से भी जानकारी मांगी गई है।
जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति ने 31 अक्तूबर को जारी नोटिस में कहा कि पवन कुमार की ओर से 26 सितंबर को प्रस्तुत किए गए जवाब का अभिलेखों के साथ परीक्षण किया गया। इसमें उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। विभाग के अनुसार छह आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बिना वित्तीय स्वीकृति के कार्य कराए गए और संबंधित भुगतान भी किया गया। नोटिस के अनुसार खेड़ाखाल, चंद्रनगर और सोतेराखाल में कार्यों के अभिलेखों के साथ कार्यादेश प्रस्तुत किए गए जबकि घोलतीर, रतूड़ा और चोपड़ा में कराए गए कार्यों से संबंधित कार्यादेश न तो पत्रावली में सुरक्षित मिले और न ही प्रस्तुत किए गए। इन तीनों केंद्रों के कार्यों के आवंटन से संबंधित कार्यादेश कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इसके अलावा घोलतीर में कराए गए कार्य के भुगतान को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। नोटिस में भुगतान की प्रत्याशा में मौखिक स्वीकृति का हवाला दिया गया लेकिन नियमों के अनुसार प्रेम सिंह बिष्ट को भुगतान करने के संबंध में स्पष्ट आधार प्रस्तुत नहीं किया गया। सीएमओ ने पत्र में कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति किस स्तर से प्राप्त की गई। इससे संबंधित दिशा निर्देश और आदेशों की प्रतियां भी मांगी हैं। तीन दिन में जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।