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देखिए, कुछ सेकेंड्स के भूकंप से कैसे सहमी जिंदगी

Tue, 27 Oct 2015 01:56 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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राजधानी देहरादून में सोमवार को अचानक जमीन हिलने लगी। पैर भी कंपन पैदा करने लगे, अजीब सी आवाजें आने लगी...
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यह सब देख महसूस कर लोग समझ गए कि धरती डोल रही है। फिर क्या था जहां थे, वहां से बाहर की ओर दौड़ पड़े। अमर उजाला टीम ने अलग-अलग जगहों पर भूकंप के हालात देखे। कई जगहों पर लोगों में इतना खौफ तारी था कि वह आधा घंटे तक घर या दफ्तर के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाये।

निगम में दौड़ पड़े लोग
नगर निगम के टाउनहॉल में सहायक वन कर्मचारियों का अधिवेशन चल रहा था। इस बीच जैसे ही भूकंप का झटका लगा तो अफरा तफरी मच गई। देखते ही देखते लोग बाहर दौड़ पड़े। बाद में वापस अधिवेशन में शामिल हुए।
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कर्मचारी आए बाहर
राजपुर रोड स्थित विंडलास कांप्लेक्स में भूकंप की वजह से भारी हड़कंप मच गया। ऊपरी मंजिलों से बीएसएनएल और बैंकों के कर्मचारी बाहर निकल आए। जबकि पहले फ्लोर पर मौजूद दुकानों के मालिक भी दौड़कर बाहर आ गए।

अधिकारी-कर्मचारी दौड़े
भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के कार्यालय में भूकंप के झटके महसूस किये गए। जैसे ही भूकंप आया सभी अधिकारी और कर्मचारी दौड़कर कार्यालय से बाहर आ गए। कुछ देर अफरातफरी का माहौल रहा। इसके बाद लोग अपनों का हाल जानने में जुट गये।

पुलिस और वादी भागे
एसएसपी कार्यालय में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। जैसे ही भूकंप के झटके आए कार्यालय में शोर मच गया। हड़बड़ाहट में पुलिस और वादकारी बाहर भाग आये। प्रेमनगर पुलिस स्टेशन में भी भूकंप के असर से सिपाहियों और अधिकारियों में डर देखने को मिला।
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आधा घंटे तक घर में नहीं गए लोग

नेहरू कालोनी क्षेत्र में भूकंप का खौफ कुछ अधिक ही तारी था। यहां पर काफी देर तक लोगों के बीच अफरातफरी मची रही। भूकंप का झटका आने के बाद लोग घरों से बाहर आ गये। आधा घंटे बाद तक भी लोग घरों में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाये। कई लोगों का कहना था कि कहीं आफ्टर शॉक की वजह से नुकसान न हो जाए।

कर्मचारी दौड़ते रहे, सीएमओ फाइलें निपटाते रहे
सीएमओ कार्यालय में भूकंप की वजह से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कर्मचारी बाहर आ गए लेकिन सीएमओ डॉ. सुशील अग्रवाल को इसकी भनक नहीं लगी। वह फाइलें निपटाने में जुटे थे। जब कर्मचारियों ने उन्हें बताया तो वह भी बाहर आ गए।

पूरी कालोनी आ गई बाहर
एमडीडीए कालोनी में भूकंप की भारी दहशत देखने को मिली। जैसे ही दरवाजे और खिड़कियों से कंपन की आवाजें आनी शुरू हुई तो लोग दहशत में आ गए। घबरा कर घरों से बाहर निकल गए। कुछ ही पलों में पूरी कालोनी में भीड़ इकट्ठा हो गई। कइयों का कहना था कि उन्हें घर के हिलते हुए पंखे देखकर भूकंप का आभास हुआ।

अधिकारियों से पहले कर्मचारी बाहर
सैनिक कल्याण निदेशालय में भूकंप का काफी असर देखा गया। भूकंप आते ही अधिकारियों को जब तक इसका आभास होता, तब तक सभी कर्मचारी बाहर आ चुके थे। बाद में अधिकारी भी बाहर आये।

भूकंप आने पर सतर्क दिखे लोग
सचिवालय में भूकंप महसूस किया गया। हालांकि यहां किसी तरह की अफरातफरी नहीं मची। लोग भूकंप आने के बाद सतर्क हो गये। कुछ देर तक लोग भूकंप की तीव्रता और इसका असर जानने में जुटे रहे।

होटल से भागे कर्मचारी
भूकंप आते ही पैसिफिक होटल में कंपन की आवाजें आनी लगी। दरवाजे-खिड़कियां तेज आवाज करने लगे तो लोगों को भूकंप का अहसास हो गया। इसके बाद जो जहां था, वहां से काम छोड़कर बाहर की ओर दौड़ पड़ा। बाद में माहौल शांत हो गया।

दोपहर को दृष्टि आई क्लिनिक में सबकुछ सामान्य चल रहा था। मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इस बीच भूकंप आते ही हड़कंप मच गया। डॉक्टर और मरीज बाहर की ओर दौड़ पड़े। कुछ देर बाहर रहने के बाद सभी लौट गए।

अपनों का हाल जानने को बेताबी
भूकंप आते ही सब जगहों पर सकुशल बचे लोगों ने सबसे पहले जेब से मोबाइल बाहर निकाले। सभी अपनों का हाल जानने में जुट गए। जगह-जगह फोन पर बात करते हुए लोग अपनों के प्रति फिक्रमंद दिखे।

सोशल नेटवर्किंग ने दी सूचना
भूकंप आने के तुरंत बाद ही सोशल मीडिया पर यह सूचना वायरल हो गई। वॉट्स ऐप से लोग एक दूसरे को भूकंप की सूचना दे रहे थे। फेसबुक, ट्वीटर पर भी भूकंप के प्रति तेजी देखने को मिली। कुछ देर बार ही मल्टीमीडिया मोबाइल्स में भूकंप से जुड़ी खबरें पढ़ी जाने लगी।
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