क्या प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत बिना घर के हैं? जी, हां, जो भी वोटर लिस्ट देखेगा उसके जेहन में यही सवाल उठेगा।
मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनकी पत्नी रेणुका रावत का वोटर लिस्ट में मकान नंबर अंकित नहीं है। इस स्थिति में उन्हें मतदान करने से रोका जा सकता है।
वोटर लिस्ट की जिन गड़बड़ियों से प्रदेश की जनता परेशान है, मुख्यमंत्री हरीश रावत और हरिद्वार लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहीं उनकी पत्नी भी उन्हीं में से एक गड़बड़ी का शिकार हैं।
यह हाल तब हुआ है जब वोटर बनाने के अभियान में जुटे अधिकारियों ने बड़ी ही संजीदगी से उनका फार्म छह भरवाया था।
इस लिहाज से कांग्रेस की हरिद्वार प्रत्याशी रेणुका रावत भी अपना वोट नहीं डाल पाएंगी और उन्हें अपने पति का भी वोट नहीं मिल पाएगा।
आखिर कैसे दाखिल हुआ नामांकन
मुख्यमंत्री रावत और उनकी पत्नी रेणुका रावत का नाम धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र-18 के निरंजनपुर क्षेत्र के भाग संख्या-33 की वोटर लिस्ट में है। वोटर लिस्ट में इन दोनों मतदाताओं की मकान संख्या नहीं दी गई है।
एक सवाल यह भी उठ सकता है कि बिना मकान संख्या के ही प्रत्याशी रेणुका रावत का नामांकन पत्र रिटर्निंग अफसर ने कैसे स्वीकार कर लिया, जबकि मकान संख्या के चक्कर में कई प्रत्याशियों और उनके प्रस्तावकों को बड़ी फजीहत झेलनी पड़ी थी।
जिला निर्वाचन कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि डेढ़ महीने पहले मुख्यमंत्री रावत का नाम धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में शामिल किया गया है।
अधिकारी हैं बेपरवाह
पहले सीएम का नाम हरिद्वार की वोटर लिस्ट में था, वहां नाम कटवाने के लिए फार्म भर दिया गया था। एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री रावत का माजरा का पता था।
राजीव जैन के नाम से मकान था। लेकिन इस मकान का नंबर वोटर लिस्ट में नहीं दिया गया।
मुख्यमंत्री की वोटर लिस्ट में इस गड़बड़ी से अधिकारी बे-परवाह हैं। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी से पूछा तो उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में करेक्शन करवा दिया जाएगा।