क्षेत्र स्थित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में लगाई गई ई-पॉस मशीन ठीक से काम नहीं कर रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में इंटरनेट की धीमी गति से समस्या उत्पन्न हो रही है। लोगों के फिंगर समय पर नहीं लग रहे हैं। इसके चलते राशन वितरण में परेशानी हो रही है। लोगों को बार-बार दुकान के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
मुफ्त राशन योजना को पारदर्शी बनाने और राशन की कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से हाल ही में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में ई-पॉश मशीन लगाई गई थी। इंटरनेट से चलने वाली यह मशीन पहाड़ी क्षेत्रों में कम स्पीड के कारण समस्या का शिकार हो रही है। बता दें कि साहिया बाजार में आसपास के विभिन्न गांवों की लगभग दस दुकानें हैं। यहां 15 से 20 किलोमीटर दूर से ग्रामीण राशन लेने आते हैं। इंटरनेट की कम गति और फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं होने के कारण उन्हें समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ता सूरत सिंह पंवार, आलम सिंह बिष्ट, खुशी वर्मा, हाकम सिंह, राजेंद्र सिंह, चमन सिंह, कुंदन सिंह आदि ने बताया कि ई-पॉस मशीन के सही ढंग से काम नहीं करने के कारण उन्हें कई-कई दिन राशन की दुकानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बताया कि मशीन से प्रक्रिया को पूरा होने में काफी समय लग रहा है।
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अभी नई व्यवस्था की शुरुआत हुई है। इस कारण कुछ अड़चन आ रही है। प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने पर काम चल रहा है। जल्द ही सब ठीक हो जाएगा।
- बीएस सकलानी, क्षेत्रीय खाद्य-आपूर्ति अधिकारी कालसी।