कपकोट में नीरज का प्राथमिक उपचार किया गया। हाथ में फ्रैक्चर होने और मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल बागेश्वर के लिए रेफर तो कर दिया लेकिन एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं कराई। नीरज के पिता चंचल राम ने प्राइवेट टैक्सी किराए पर ली तब जाकर वह बागेश्वर अस्पताल पहुंचे।
108 एंबुलेंस की हड़ताल चल रही है। 108 सेवा दूसरी कंपनी के हाथों में जा रही है, जिससे कुछ दिक्कतें हैं। रिखाड़ी के नीरज को एंबुलेंस नहीं मिलना गंभीर मामला है। मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं था। अन्यथा परिवार को प्राइवेट कार की व्यवस्था नहीं करनी पड़ती। विभाग से ही उन्हें एंबुलेंस मिल जाती। अब भी यदि नीरज को हायर सेंटर जाना होगा तो विभागीय एंबुलेंस मुहैया कराई जाएगी।
- डॉ. जेसी मंडल, सीएमओ बागेश्वर