महंगाई तो सबके लिए बराबर है। ऐसे में महंगाई के हिसाब से केवल कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया गया, लेकिन किसान मजदूर की हालत के बारे में नहीं सोचा गया। किसानों का यही गुस्सा सोमवार को सचिवालय पर फूटा।
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किसानों का सचिवालय कूच
- फोटो : amar ujala
भारतीय किसान यूनियन ने गन्ने का मूल्य पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल किए जाने सहित छह सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को सचिवालय कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें सचिवालय से पहले रोक लिया।
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धरने के दौरान खाना बनाते किसान
- फोटो : amar ujala
सचिवालय कूच के दौरान किसान अपने साथ चूल्हा लेकर आए और धरने पर बैठे चाय और खाना भी बनाया।
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किसानों का सचिवालय कूच
किसनों ने कहा कि वह कर्मचारियों के वेतन बढ़ाए जाने का विरोध नहीं करते लेकिन बाजार में हमें भी सामान उतना ही महंगा मिलता है।
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किसानों का सचिवालय कूच
- फोटो : amar ujala
रुड़की व हरिद्वार सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने कहा कि उनकी फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है।
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किसानों का सचिवालय कूच
किसान फसल का उचित दाम दिलाए जाने, सिंचाई शुल्क माफ करने, पहाड़ में चकबंदी व मंडी तक फसल पहुंचाने के लिए ट्रांसपोर्ट सब्सिडी देने की मांग कर रहे थे।
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किसानों का सचिवालय कूच
- फोटो : amar ujala
किसानों ने कहा कि सरकार के इस रवैये के कारण ही किसान आज आत्महत्या करने को मजबूर है।
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किसानों का सचिवालय कूच
- फोटो : amar ujala
सचिवालय की तरफ जा रहे किसानों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। यूनियन के मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों को मंगलवार को वार्ता के लिए बुलाया है।
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किसानों का सचिवालय कूच
- फोटो : amar ujala
भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि इस आर्थिक अन्याय के खिलाफ वह लड़ाई लड़ेंगे।