योजना में प्रदेश के 3900 क्लस्टरों में 78 हजार हेक्टेयर भूमि जैविक खेती के लिए चयनित हैं। प्रत्येक क्लस्टर में 20 हेक्टेयर का क्षेत्रफल निर्धारित है। उत्तराखंड को जैविक राज्य बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए इस योजना में किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अपर सचिव राम बिलास यादव, निदेशक कृषि गौरी शंकर, रेशम निदेशक एके यादव, संयुक्त सचिव महिमा, मिशन निदेशक उद्यान संजय श्रीवास्तव, प्रबंध निदेशक जैविक विकास परिषद विनय कुमार, डॉ. जेसी कैंम समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कृषि मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन किसानों को सम्मानित किया। जिसमें जैविक चाय उत्पादन में बागेश्वर के चंद्रशेखर पांडेय, तेजपत्ता में नारायण बगड़ चमोली के सिद्धार्थ नेगी, जैविक मसाला उत्पादन में शैलेेष भट्ट को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।