दिल्ली में आम आदमी पार्टी की रैली के दौरान खुदकुशी करने वाले राजस्थान के किसान गजेंद्र सिंह का अस्थि कलश रविवार को हरिद्वार पहुंचा। बेटे और भाई ने वैदिक विधि विधान के साथ अस्थियां गंगा में प्रवाहित की।
रविवार को मृतक किसान का अस्थि कलश लेकर मझला भाई विजेंद्र सिंह एवं बेटा धीरेंद्र सिंह यहां सुभाष घाट पर बाबरी भवन में अपने पुरोहित श्याम सुंदर शर्मा की गद्दी पर पहुंचे। शर्मा एवं उनके बेटे प्रवीण के निर्देशन में नाईसोता घाट पर अस्थियां गंगा में विसर्जित कराई गई।
उनके साथ भारतीय किसान संगठन के पदाधिकारी पूरण सिंह, राजेंद्र सिंह, राहुल सिंह, मेहर सिंह, राघवेंद्र सिंह समेत अनेक किसान भी पहुंचे थे। देर शाम वे जोधपुर बाड़मेर एक्सप्रेस से वापसी के लिए रवाना हुए।
एकदम शांत रहा बेटा
गजेंद्र सिंह की तीन संताने हैं। सबसे बड़ी बेटी मेघा है। दूसरे नंबर पर पुत्र धीरेंद्र है और तीसरा राघवेंद्र है। पिता की अस्थियां लेकर पहुंचा धीरेंद्र बहुत शांत नजर आया। वह बस कर्मकांड में ही तल्लीन रहा। पूछने पर पिता की मौत को लेकर कुछ नहीं बोला।