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उत्तराखंड: फर्जी अभ्यर्थियों से परीक्षा दिलाने के मामले में शिक्षक, फायरमैन समेत नौ गिरफ्तार

Mon, 09 Mar 2020 09:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • ऊधमसिंह नगर में सहायक अध्यापक की परीक्षा में बैठाए थे 21 नकली अभ्यर्थी
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आराेपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड में फर्जी अभ्यर्थियों के जरिये सहायक अध्यापक की परीक्षा दिलाने वाले गिरोह के नौ सदस्यों को देहरादून एसआईटी और ऊधमसिंह नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में तीन शिक्षक, उत्तर प्रदेश फायर ब्रिगेड का फायरमैन और हल्द्वानी में तैनात बंदी आरक्षी भी शामिल है। सभी को ऊधमसिंह नगर की अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बाकी फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

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पिछले साल 19 जुलाई को उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के अनुसचिव राजन मैठाणी ने इस संबंध में थाना रायपुर में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि आयोग की जनवरी 2018 में आयोजित सहायक अध्यापक (एलटी) की लिखित प्रतियोगी परीक्षा में 21 असली अभ्यर्थियों के जगह फर्जी अभ्यर्थी बैठे थे।

इन अभ्यर्थियों ने आवेदनपत्र भरते समय एक ही ई मेल का प्रयोग किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच में पता चला कि सभी परीक्षा केंद्र जिला ऊधमसिंह नगर में थे। इस पर 21 जुलाई 2019 को मुकदमा ऊधमसिंह नगर स्थानांतरित कर दिया गया था। 

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पास कराने का सौदा दो से ढाई लाख रुपये में

पुलिस मुख्यालय ने 23 सितंबर को क्षेत्राधिकारी नगर देहरादून शेखर चंद्र सुयाल के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया। बीते फरवरी में देहरादून के एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने कुछ और पुलिस कर्मियों को एसआईटी में नियुक्त किया था। ऊधमसिंह नगर स्थानांतरित हुए मुकदमे की जांच में एसआईटी में शामिल किया गया। इसके बाद पुलिस टीम को ऊधमसिंह नगर भेजा गया।

अभ्यर्थियों ने पूछताछ में बताया कि उनके फार्म किसी ‘एक्स’ नाम के व्यक्ति ने भरे थे। परीक्षा में पास कराने का सौदा दो से ढाई लाख रुपये में तय हुआ था। परीक्षा से पहले पांच से 10 हजार रुपये लिए गए थे। बाकी पैसों का भुगतान परिणाम के बाद करना था। फार्म में दर्ज अधिकतर मोबाइल नंबर फर्जी थे, तो कुछ बंद थे। बैंकों में जाकर मोबाइल नंबरों से लिंक खातों के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।

एक खाता सुरेश पुत्र रमेश निवासी कासमपुर मुरादाबाद के नाम दर्ज था। एक टीम ने मुरादाबाद पहुंचकर सुरेश को गिरफ्तार कर लिया। सुरेश गोपालपुर जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक है। सुरेश ने बताया कि उसने अपने एक परिचित सर्वेश यादव निवासी कांठ, मुरादाबाद के कहने पर परीक्षा दी थी।
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शिक्षक है सर्वेश याद

सर्वेश यादव महदूद कलमी मुरादाबाद में प्राइमरी स्कूल में शिक्षक है। पहले भी वह ऐसे फर्जीवाड़े में शामिल रहा है। पूछताछ के बाद पुलिस ने मुरादाबाद से उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद गैंग के सरगना देवेंद्र पुत्र बाल कृष्ण को बिलासपुर से पकड़ा गया। उत्तर प्रदेश में फायरमैन देवेंद्र तब अमरोहा में तैनात था और अब बिलासपुर।

सर्वेश यादव ने साजिश में हल्द्वानी जेल के बंदी आरक्षी जसपुर निवासी अवतार सिंह पुत्र हरकेश सिंह को भी शामिल किया था। अवतार सिंह ने परीक्षा के लिए आसपास के गांवों के युवकों से संपर्क कर उन्हें परीक्षा पास करवाने व इसकी एवज में मोटी धनराशि देने के लिए राजी कर लिया था। 

कई अभ्यर्थी भी गिरफ्त में
जसपुर निवासी देवेंद्र से पूछताछ के आधार पर एसआईटी टीम ने ऊधमसिंह नगर पुलिस के सहयोग से छह अन्य अभ्यर्थियों अनिल कुमार पुत्र पूरन सिंह निवासी जसपुर, अंचल कुमार पुत्र चरण सिंह निवासी जसपुर, अंचल कुमार पुत्र चरण सिंह निवासी जसपुर, सोनू सिंह पुत्र हरपाल सिंह निवासी जसपुर, धर्मेंद्र पुत्र बृजपाल निवासी जसपुर, अंकित कुमार पुत्र सुरेश चंद्र निवासी काशीपुर को जसपुर, काशीपुर व अन्य स्थानों से गिरफ्तार किया गया।

अंकित प्राइवेट स्कूल में शिक्षक है। पुलिस को अभी विजयवीर, मीना राम, रिंकू कुमार और मोहम्मद जावेदुल्लाह आदि की भी तलाश है। क्षेत्राधिकारी नगर देहरादून शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी रविवार देर रात तक विभिन्न स्थानों पर चली दबिश में हुई है। फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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