एक युवक की मंगेतर ने यूटी पुलिस के एएसआई पर शारीरिक शोषण के लिए ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। युवती ने एसएसपी विंडो पर शिकायत देकर इंसाफ की गुहार लगाई है। साथ ही साक्ष्य के रूप में एक सीडी भी सौंपी है, जिसमें कथित रूप से एएसआई और युवती के बीच फोन पर हुई बातचीत की रिकार्डिंग है। युवती का आरोप है कि मौजूदा समय में मौलीजागरां थाने में तैनात एएसआई प्रेम ने मंगेतर के केस में मदद करने के नाम पर उसका शारीरिक शोषण करना चाहा। वहीं, एएसआई प्रेम का कहना है कि उस पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं, उसे झूठा फंसाया गया है।
बता दें कि 18 दिसंबर 2019 को सेक्टर-31/47 डिवाइडिंग रोड के पास से सेक्टर-31 थाना पुलिस ने हल्लोमाजरा निवासी आकाश कुमार (24) को 50 ग्राम हेरोइन और 12 नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया था। पब्लिक विंडो में दी शिकायत के अनुसार, इस केस में 21 जनवरी 2020 को जिला अदालत में पेशी हुई थी। शिकायत में युवती का आरोप है कि इस दौरान सेक्टर-31 थाने के तत्कालीन एएसआई प्रेम उसे अदालत में मिला और अपने झांसे में लेकर कहा कि वह इस केस में जांच अधिकारी (आईओ) है। वह आकाश को बरी कराने में उसकी मदद करेगा।
झांसे में लेकर एएसआई ने युवती का मोबाइल नंबर ले लिया। आरोप के मुताबिक, 22 जनवरी को एएसआई ने उसके मोबाइल पर फोन कर कहा कि वह उससे मिलना चाहता है, लेकिन युवती ने इंकार कर दिया। आरोप है कि इस दौरान एएसआई ने आकाश को केस से बरी करवाने के लिए युवती से शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाल कर अटावा के होटल में चलने को कहा। बार-बार युवती को फोन कर एएसआई परेशान कर रहा था। युवती ने एएसआई से बातचीत की रिकार्डिंग की सीडी भी पुलिस को सौंपी है, जिसमें वह कह रहा है कि नाके से 7 बजे के बाद फ्री होऊंगा। इसके बाद वह उसे अटावा के होटल में लेकर चलेगा।
युवती बोली- धमकी देने दो पुलिसकर्मी घर आए
आरोप है कि रिकार्डिंग की बात एएसआई प्रेम सिंह को पता चल गई तो उसने व्हाट्सएप कॉलिंग करना शुरू दी। आरोप है कि अचानक एक दिन युवती के घर पर कांस्टेबल अशोक व पवन ने पहुंचकर धमकी दी कि अगर कोई शिकायत दी गई तो उसके परिवार को भी एनडीपीएस केस में अंदर करा दूंगा। इस धमकी के बाद से परिवार डरा सहमा था, लेकिन अब उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस को दी है।
अप्रैल में होनी है शादी
पीड़िता की मां ने बताया कि उसकी पांच बेटी है। बड़ी बेटी की शादी आकाश से अप्रैल में होनी है। आरोप है कि आकाश को पुलिस किसी दूसरे एनडीपीएस केस में गवाह बनाना चाहती थी, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद पुलिस ने आकाश को झूठे एनडीपीएस केस में फंसा दिया। आकाश को एएसआई ने छुड़वाने की बात कही थी। यही वजह थी कि बेटी ने एएसआई से बात की, लेकिन अब वह शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाल रहा है।
मुझे झूठा फंसाया गया है
आकाश वाले एनडीपीएस केस में मैं सेकेंड आईओ हूं। मेरे ऊपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। युवती मुझे झूठा फंसा रही है।
- प्रेम सिंह, एएसआई मौलीजागरां थाना
मामला साउथ एएसपी नेहा यादव के पास पेंडिंग है। जांच में जो कुछ सामने आता है तो एएसआई के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी
दोनों के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग
युवती : अच्छा, वैसे किसने करवाया था आकाश का काम।
एएसआई : बता दूंगा सारा जब मिलेगी।
युवती : वो तो कह रहा था इन्होंने चक्का, वीरू ने हीटर लेकर बुलाया था।
एएसआई : वही तो कह रहा था, ठीक है।
युवती : शाम को कॉल करोगे।
एएसआई : हां, सात बजे, बता कहां आना, बता।
युवती : आप बता दो।
एएसआई : गाड़ी लेकर वहीं आ जाऊंगा।
युवती : कोई देख न ले।
एएसआई : तो फिर अटावा चौक पर आ जा।
युवती : कोई देखेगा तो नहीं।
एएसआई : वहां कौन देखेगा।
युवती : जाना कहां पर है।
एएसआई : चल पड़ेंगे किसी होटल में।
व्हाट्सएप कॉल की रिकॉर्डिंग
युवती : हेलो।
एएसआई : हेलो।
युवती : मेरे को डर लग रहा है, ऐसे बाहर नहीं गई।
एएसआई : डर की बात नहीं, तेरे और मेरे बीच की बात है, भरोसा करना पड़ेगा।
युवती : कल को आकाश को पता लगेगा तो रिश्ता टूट जाएगा।
एएसआई : तेरे को बोल दिया, मेरे बच्चों की कसम।
युवती : अच्छा, तो आप मेरी क्या हेल्प करोगे।
एएसआई : अभी केस में गवाहियां भी होनी हैं.. लास्ट तक, मैं ही आईओ हूं इसका।