कई ट्रांजेक्शन बिहार से भी हुई
इसके साथ ही जीएसटी से इनके कारोबार का पता लगाने के लिए जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के 23 बैंक खाते फ्रीज कराए थे, जिनमें 75 लाख रुपये जमा थे। इन खातों के ट्रांजेक्शन की डिटेल जुटाई जा रही है। ताकि, आरोपियों के क्लाइंट के बारे में पता लगाया जा सके। बताया जा रहा है कि इनमें कई ट्रांजेक्शन बिहार से भी हुई हैं। पुलिस इन आरोपियों की संपत्तियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
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कुरियर का भी करते हैं इस्तेमाल
आमतौर पर इस तरह की दवा बनाने वाले जालसाज कुरियर का भी इस्तेमाल करते हैं। ताकि, जीएसटी व अन्य चेकपोस्ट पर माल न पकड़ा जा सके। पिछले साल हरिद्वार में हुई इस तरह की कार्रवाई में इस बात का खुलासा हुआ था। मंगलौर में दवा बनाते पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया था कि वे छोटे-छोटे पार्सल को कुरियर के माध्यम से विभिन्न राज्यों को भेजते हैं। ऐसे में उन्हें न तो टैक्स देना पड़ता है और न ही यह कारोबार किसी की निगाह में आता है। इस बात की जांच रायपुर में पकड़े गए आरोपियों के संबंध में भी की जा रही है। इस बात की प्रबल संभावना है कि इन लोगों ने भी कुरियर सेवा का इस्तेमाल किया होगा।