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फर्जी-अमान्य डिग्रीवाले टीचर होंगे बर्खास्त, FIR भी होगी दर्ज होगी

Wed, 29 Mar 2017 10:39 AM IST
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून
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Teacher
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उत्तराखंड में शासकीय और अशासकीय स्कूलों में फर्जी और अमान्य डिग्री पर कार्यरत टीचरों को जांच के बाद न केवल बर्खास्त किया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज करवाया जाएगा।
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अमर उजाला में मंगलवार प्रकाशित खबर ‘फर्जी डिग्री फर्जी और नौकरी असली’ खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अपर सचिव बेसिक शिक्षा दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बुधवार को कहा कि वे अमर उजाला के जरिए इस बाबत मिली हर जानकारी की जांच कराएंगे।

इधर, मामले की पड़ताल में पता चला है कि बड़ी संख्या में टीचर हिंदी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद की प्रथमा, मध्यमा और विशारद की डिग्री के आधार पर नौकरी कर रहे हैं। उत्तराखंड में यह डिग्री पूरी तरह अमान्य है। बावजूद इसके कइयों ने विभागीय अधिकारियों की सांठगांठ से न केवल इन डिग्रियों पर नौकरी हासिल की, बल्कि इनमें से कई प्रमोशन भी पा गए हैं।  
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सूत्रों के अनुसार कई टीचरों ने प्रमोशन पाने के लिए भी सम्मेलन की विशारद और बीएड की डिग्री लगाई हुई है। मुरादाबाद उत्तर प्रदेश निवासी अख्तर हुसैन रिजवी ने कुछ टीचरों के नामों के साथ शिक्षा विभाग को इसकी जानकारी दी है।

विभाग को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि बाजपुर ऊधमसिंह नगर में हिंदी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद से प्रथमा, मध्यमा एवं विशारद की डिग्री के आधार पर कुछ लोग स्कूलों में टीचर से लेकर प्रधानाध्यापक तक के रूप में कार्यरत हैं। अमर उजाला को ऐसे तमाम लोगों के देहरादून में भी काम करने की जानकारी मिली है। कुछ ऐसे टीचरों के प्रमाण पत्र आरटीआई में एकत्रित किए जा चुके हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो हरिद्वार, रुड़की, देहरादून और नैनीताल में ऐसे टीचरों की संख्या काफी है। 

बुधवार को अपर मुख्य सचिव के कार्यालय में निदेशक बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के साथ बैठक है। इसमें फर्जी और अमान्य डिग्री वाले टीचरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यह आपराधिक मामले हैं। पूरे प्रदेश में इसकी जांच के बाद इस तरह के लोगों के खिलाफ संबंधित थानों में मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे।
- दीपेंद्र कुमार चौधरी, अपर सचिव बेसिक शिक्षा

एससी, एसटी और स्थायी प्रमाण पत्र भी फर्जी  
प्रदेश में कई लोग न केवल फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों बल्कि एससी, एसटी और फर्जी स्थायी प्रमाण पत्रों के आधार पर शिक्षा विभाग में नियुक्ति पाए हैं। मंगलवार को अमर उजाला को प्रदेश के विभिन्न जनपदों से टीचरों की फर्जी नियुक्ति की शिकायतें मिलीं। अपर मुख्य सचिव डा. रणवीर सिंह के मुताबिक इनकी सूची मिलने पर जांच कराई जाएगी।

शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्ति के मामले में एक व्यक्ति ने बताया कि सहारनपुर निवासी कुछ लोग फर्जी एससी, एसटी और स्थायी निवास प्रमाण पत्रों के आधार पर हरिद्वार जिले में कार्यरत हैं। वहीं एक अन्य व्यक्ति के मुताबिक ओबीसी का अभ्यर्थी एससी के फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर रुड़की में कार्यरत हैं, हरिद्वार में तो एक स्कूल में बताया गया कि शैक्षिक प्रमाण पत्र किसी के हैं और नियुक्ति किसी अन्य को मिली है। देहरादून, ऋषिकेश, पौड़ी, कपकोट समेत गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के कई जनपदों से अमर उजाला को टीचरों के फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी की शिकायतें मिली हैं। वहीं दून में एक टीचर के बारे में बताया गया है कि वह हाईस्कूल फेल है, लेकिन फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति पाए हैं। 
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अमर उजाला को जिन टीचरों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, उसकी सूची उपलब्ध होने पर संबंधित अधिकारियों से प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
- डा.रणवीर सिंह, अपर मुख्य सचिव
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