देहरादून। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने राष्ट्रीय दृष्टिबाधित दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) के आदर्श विद्यालय व क्रॉस डिसएबिलिटी अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (सीडीईआईसी) का निरीक्षण किया। शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान उन्होंने दिव्यांगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डॉ. खन्ना ने विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से संवाद कर उनकी समस्याओं, अनुभवों और सुझावों की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों व कर्मचारियों से विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या, थेरेपी सत्र, प्रारंभिक हस्तक्षेप कार्यक्रम और समावेशी शिक्षा की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।
इसके बाद उन्होंने सीडीईआईसी का निरीक्षण कर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को दी जा रही प्रारंभिक हस्तक्षेप सेवाओं और पुनर्वास कार्यक्रमों की समीक्षा की। बच्चों के समग्र विकास के लिए संसाधनों के सुदृढ़ीकरण, अभिभावकों की नियमित काउंसिलिंग और आधुनिक सहायक उपकरणों के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया। इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य अमित कुमार शर्मा, संस्थान के क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. एसके ढालवाल, डॉ. चारू यादव, मंजू आदि मौजूद रहे।