अमर उजाला की मुहिम रंग ला रही है। सोमवार-मंगलवार को चार लोगों को कार्निया प्रत्यारोपण हुआ है। नेत्रदान ‘महायज्ञ’ में दो आहुतियां और दी गई हैं। नेत्रदान अभियान से प्रभावित होकर खुद लोगों ने अपने परिजनों के नेत्रदान किए हैं। इससे चार लोगों की अंधेरी जिंदगी में रोशनी भरने की उम्मीद जग गई है। जिनके कार्निया प्रत्यारोपण हुआ है, उनकी आंखों से एक हफ्ते के अंदर पट्टी हटाई जाएगी।
तबियत बिगड़ने से हुई मौत
सप्तऋषि चौक हरिद्वार के रहने वाले सर्वेश कुमार गुप्ता (44) की हार्ट फेल होने से मौत हो गई थी। रविवार-सोमवार को तबियत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई। सुमित कुमार गुप्ता ने हिमालयन इंस्टीट्यूट के नेत्र रोग विभाग की आई बैंक प्रभारी डा. नीती गुप्ता को जानकारी दी। उन्होंने एक घंटे में मौके पर पहुंच कर स्व. सर्वेश कुमार की आंखें सुरक्षित कर लीं। इसके बाद कार्नियल अंधता से पीड़ित दो रोगियों को प्रत्यारोपण कर दिया गया।
इसी तरह प्रेमनगर की रहने वाली कृष्णा भाटिया का सोमवार को देहांत हो गया। उनके पुत्र भूषण भाटिया ने इसकी सूचना डा. नीति गुप्ता को दी।
फिट होने पर प्रत्यारोपण कर दिया जाता है
हिमालयन इंस्टीट्यूट के आई बैंक की टीम ने जाकर स्व.भाटिया की आंखें सुरक्षित कर लीं। बाद में उन्हें कार्नियल अंधता से पीड़ित दो रोगियों को प्रत्यारोपित कर दिया। डा. गुप्ता ने बताया कि कार्निया मिलने पर कार्नियल अंधता से पीड़ित कुछ रोगियों को बुलाकर जांच की जाती है जो रोगी कार्निया के लिहाज से फिट होता है उसे प्रत्यारोपण कर दिया जाता है।
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