नेत्रदान अभियान का असर रहा कि कार्नियल अंधता से पीड़ित दो लोगों ने दुनिया देख ली है। हिमालयन अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में कार्निया प्रत्यारोपण वाले दो मरीजों की सोमवार को पहली ड्रेसिंग की गई। पट्टी हटते ही मरीजों की निगाहों के सामने रोशनी की किरण कौंध गई।
हरिद्वार के रहने वाले सर्वेश कुमार गुप्ता की आंखें कार्नियल अंधता से पीड़ित दो मरीजों को लगाई गई थीं। मरीजों को एक हफ्ते अस्पताल में भरती रखा गया। इसके बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। सोमवार को इन मरीजों की पहली ड्रेसिंग हुई। मरीजों का कार्निया प्रत्यारोपण सफल रहा। जिन मरीजों का कर्निया प्रत्यारोपण हुआ है उनमें एक हरिद्वार और दूसरा टिहरी का है।
अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की आई बैंक प्रभारी डा. नीती गुप्ता ने बताया कि दोनों मरीजों का प्रत्यारोपण सफल रहा। आंख से पट्टी हटते ही उनके चेहरे चमक उठे। बताया कि कार्निया प्रत्यारोपण के मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। अब उन्हें पहली ड्रेसिंग के लिए बुलाया जा रहा है।
जिनकी कार्निया खराब, जांच करा लें
डा. नीती गुप्ता ने बताया कि जिन लोगों की आंखों में रोशनी नहीं है, वे हिमालयन अस्पताल के नेत्ररोग विभाग की ओपीडी में आकर जांच करा लें। अगर कार्निया की खराबी से अंधता है और उसे ठीक किया जा सकता है तो उनका प्रत्यारोपण के लिए रजिस्ट्रेशन कर लिया जाएगा। जब कार्निया मिलेगी तो प्रत्यारोपण कर दिया जाएगा।