राशन के कोटे ने इस दफा ईद की खुशी पर ग्रहण लगाने की तैयारी कर ली है। मीठे पकवानों के लिए यदि आप राशन में चीनी के कोटे के बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं तो यह एक फीका ख्वाब भर ही साबित होने वाला है।
ईद पर इस बार लोगों को पूरी चीनी मिलने की उम्मीद कम है। बिना लिस्ट भेजे ही पुराने कोटे के अनुसार चीनी का आवंटन शुरू होने के कारण इस बार भी लोगों को चीनी के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी।
राशन की दुकानों पर सस्ते दर की चीनी का इंतजार कर रहे लोगों को इस बार भी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर चीनी मिलने की उम्मीद है। दुकानदारों की मानें तो शासन से 500 ग्राम चीनी प्रति यूनिट के हिसाब से देने के निर्देश हैं।
कैसे बंटे राशन
मगर इस महीने जिला पूर्ति विभाग ने अभी तक उपभोक्ताओं की लिस्ट तक वरिष्ठ वितरण निरीक्षक को नहीं भेजी है। उत्तराखंड सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि हर महीने राशन कार्डों और यूनिटों की संख्या में बदलाव होता है।
डीएसओ ऑफिस से सभी सेक्टरों को चीनी, गेहूं, चावल आदि का आवंटन किया जाता है। खाद्य निरीक्षक अपने क्षेत्र के यूनिटों की सूची बनाकर कार्यालय में जमा करते हैं, जिसे डीएसओ की संस्तुति के बाद वरिष्ठ वितरण नियंत्रक को भेजा जाता है।
विभाग ने नहीं भेजी लिस्ट
अभी तक विभाग से यह लिस्ट नहीं भेजी गई है, लेकिन आरएफसी गोदाम से चीनी का आवंटन शुरू कर दिया गया है। वरिष्ठ वितरण नियंत्रक एमए रजा ने बताया कि पुराने कोटे के अनुसार ही आवंटन किया जा रहा है, जिसमें करीब 75 फीसदी कोटे का आवंटन भी किया जा चुका है।
जिलापूर्ति अधिकारी श्याम आर्य का कहना है कि पिछले महीने जो सूची गई है उसी के आधार पर चीनी बंटनी शुरू हो गई है। उपभोक्ताओं को पूरी चीनी मिलेगी।