नैनीताल जिला पुलिस ने सबसे अधिक तीन करोड़ 87 लाख 18 हजार, ऊधमसिंह नगर पुलिस ने तीन करोड़ 64 लाख 27 हजार, और देहरादून पुलिस ने तीन करोड़ 34 लाख 60 हजार संयोजन शुल्क वसूला है। उत्तरकाशी पुलिस ने 46 लाख 32 हजार, टिहरी पुलिस ने 65 लाख दो हजार, चमोली पुलिस ने 44 लाख 35 हजार, रुद्रप्रयाग पुलिस ने 29 लाख 98 हजार, पौड़ी पुलिस ने 92 लाख 87 हजार, हरिद्वार पुलिस ने 02 करोड़ 90 लाख 50 हजार, अल्मोड़ा जिले में 69 लाख 66 हजार, बागेश्वर जिले में 52 लाख 54 हजार, चंपावत जिले में 49 लाख 62 हजार, पिथौरागढ़ में 76 लाख 34 हजार और जीआरपी की ओर से 42 हजार रुपये संयोजन शुल्क वसूला गया।
देहरादून में सबसे अधिक लोगों ने तोड़े नियम
नियम तोड़ने के मामले में राजधानी देहरादून के लोग सबसे आगे रहे। देहरादून में कोरोना नियम उल्लंघन के 01 लाख 55 हजार, 489, हरिद्वार में 92 हजार 466, नैनीताल में 72 हजार 685 मामले पकड़े गए। ऊधमसिंह नगर में 72 हजार 13, उत्तरकाशी में 11 हजार 197, टिहरी में 27 हजार 843, चमोली में 09 हजार 156, रुद्रप्रयाग में 9 हजार 250, पौड़ी में 27 हजार 791, अल्मोड़ा में 12 हजार 498, बागेश्वर में 16 हजार 125, चंपावत में 8 हजार 961, , पिथौरागढ़ में 12 हजार 888, नैनीताल में 72 हजार 685 और जीआरपी ने 310 मामले पकड़े गए।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों में नैनीताल नंबर वन
लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने के मामले में नैनीताल जिला नंबर वन पर रहा। नैनीताल जिले में सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के 58, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर में 26-26, अल्मोड़ा में 25 मामले दर्ज हुए। उत्तरकाशी में 08, टिहरी में 10, चमोली में 01, पौड़ी में 11, देहरादून में 21, बागेश्वर में 16, चंपावत में 10, पिथौरागढ़ में 4 मामले दर्ज हुए। रुद्रप्रयाग और जीआरपी में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।