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एक्सक्लूसिव: सड़क, पुल का काम हुआ खराब तो अब चीफ इंजीनियर तक होंगे जिम्मेदार

Wed, 05 Feb 2020 09:56 AM IST
अलका त्यागी राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • पहली बार काम की गुणवत्ता को लेकर एसई और चीफ इंजीनियर होंगे जिम्मेदार
  • एई से लेकर ईएनसी के कार्य एवं दायित्व का प्रस्ताव तैयार, जल्द जारी होंगे आदेश
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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घपले घोटालों को लेकर चर्चित रहने वाले लोक निर्माण विभाग में बड़े स्तर पर सुधारों का सिलसिला शुरू हो गया है। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद पहली बार सड़क, पुल और भवनों के निर्माण को लेकर बड़े अफसरों की भी तकनीकी जिम्मेदारी तय होने जा रही है। अब यदि काम में कोई खराबी पाई गई तो छोटे ही नहीं बड़े इंजीनियर भी नपेंगे। लोनिवि मुख्यालय से शासन को प्रस्ताव प्राप्त हो गया है। जल्द इस संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी हो सकते हैं।

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प्रदेश में कार्य की गुणवत्ता को लेकर उत्तरप्रदेश सरकार के समय का शासनादेश लागू है। इस शासनादेश के अनुसार कोई भी निर्माण कार्य मानकों की कसौटी पर खरा नहीं है तो कार्य के ठेकेदार, जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर व एक्सईएन से वसूली की व्यवस्था है।

जवाबदेही के हिसाब से वसूली का प्रतिशत भी तय है। सबसे अधिक जवाबदेही जूनियर इंजीनियर की ही तय है। यही बात उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर संघ को खटक रही है और उसने विभाग पर दबाव बनाया है कि वह नए सिरे से जवाबदेही निर्धारित करे। संघ के प्रदेश महासचिव एसएस चौहान कहते हैं, ‘किसी भी कार्य के लिए ऊपर से नीचे तक सभी अधिकारी जवाबदेह होंगे तो कार्य की लगातार मानीटरिंग होगी और इसकी गुणवत्ता से खिलवाड़ करने का कोई साहस नहीं करेगा।’

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एससीएस ने की प्रस्ताव की समीक्षा

बहरहाल, विभागीय मुख्यालय ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। प्रस्ताव के तहत सिर्फ कार्य की गुणवत्ता को लेकर ही नहीं बल्कि काम के टेंडर को लेकर भी जवाबदेही तय की गई है।

यानी ईएनसी, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर, चीफ इंजीनियर और एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर के कार्य और दायित्व क्या होंगे, अब यह विभाग के दस्तावेज में दर्ज होगा। इनके कायदों के हिसाब से हर बड़े अफसर को अपने दायित्व का निर्वहन करना होगा।

अपर मुख्य सचिव लोनिवि ओम प्रकाश ने मंगलवार को प्रस्ताव की समीक्षा को लेकर एक बैठक की। बैठक में उन्होंने शासन के अधिकारियों को प्रस्ताव को अंतिम रूप देने को कहा। प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री की मंजूरी ली जाएगी और उसके बाद दिशा-निर्देश जारी हो जाएंगे।

पहली बार एई से लेकर इंजीनियर इन चीफ के कार्य एवं दायित्वों का निर्धारण होने जा रहा है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसमें कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी जवाबदेही निर्धारित की गई है।
- हरिओम शर्मा, विभागाध्यक्ष, लोनिवि
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