उत्तराखंड की पौड़ी सीट पर दो जनरलों के बीच होने वाली चुनावी जंग में पूर्व सैनिकों ने अपनी राजनीति शुरू कर दी है। अफसर और सैनिक के बीच की दूरियां को जनरल नेगी विरोधी खेमा चुनाव में भुनाने की तैयारी कर ही है।
कांग्रेस का समर्थन करते रहे पूर्व सैनिक संगठन अब पार्टी के संभावित प्रत्याशी जनरल नेगी के खिलाफ उतर आए हैं।
जनरल का कर रहे विरोध
कांग्रेस के पक्ष में रहा पीबीओआर (पर्सनल बिलो आफिसर रैंक) एसोसिएशन ने पौड़ी लोक सभा क्षेत्र में जनरल नेगी को प्रत्याशी बनाने का खुलकर विरोध किया है। संगठन का तर्क है कि कांग्रेस में कई मजबूत दावेदार हैं, जिसमें अन्य रैंक के कार्यकर्ता भी शामिल हैं।
जनरल पर लगाया आरोप
संगठन का जनरल नेगी पर आरोप है कि वह हमेशा अन्य रैंक के पूर्व सैनिकों से दूरी बनाए रखते हैं। संगठन के अध्यक्ष शमशेर सिंह बिष्ट ने कहा कि जनरल नेगी ने पूर्व सैनिकों के लिये कोई ऐसा कार्य नहीं किया है जिसे वह प्रचार के दौरान उपलब्धि बता सकें।
अधिकारी वर्ग से नीचे के पूर्व सैनिकों को स्वास्थ्य सेवाओं, सीएसडी कैंटीन एवं अन्य पूर्व सैनिक सुविधायें प्राप्त करने में आने वाली दिक्कतों के लिए जनरल नेगी ने कभी आवाज नहीं उठाई।
ये संगठनों भी करेंगे विरोध
जनरल नेगी को अन्य रैंक ही नहीं बल्कि पूर्व सैनिक और अर्द्धसैनिक संगठन का भी विरोध पौड़ी में झेलना पड़ेगा। संगठन के अध्यक्ष रिटायर लेफ्टिनेंट कर्नल गंगा सिंह रावत ने कहा कि राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे के समय जनरल नेगी को पूर्व सैनिकों से बातचीत कार्यक्रम के संचालक थे, उस समय उन्होंने पूर्व सैनिकों की अनदेखी की। संगठन ने चुनाव में जनरल नेगी का विरोध करने का प्रस्ताव भी पारित किया है।