राजधानी में अनोखी यात्रा देखने को मिली। इस यात्रा में कोई शोरगुल नहीं था और सबने इस यात्रा को सराहा।
इस यात्रा में बप्पा और राम दरबार की एक-एक झांकी और पीछे सिर पर कलश लिए 151 महिलाएं थीं। सड़क के एक किनारे बेहद व्यवस्थित तरीके से निकली श्रीरामकथा यज्ञ समिति की बेहद सादी, शांत शोभायात्रा को जिसने भी देखा तारीफ करते हुए स्वागत में जुट गया।
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करीब पांच किलोमीटर के रूट पर यात्रा व्यस्ततम बाजारों से होकर निकली, लेकिन न कहीं जाम लगा, न किसी को कोई परेशानी हुई। लोग कहते रहे, वाकई यह है दून की शोभायात्रा। बृहस्पतिवार को कालूमल धर्मशाला में समिति के अध्यक्ष विपिन नागलिया ने सुबह दस बजे नारियल फोड़कर यात्रा का शुभारंभ किया।
भजन गाते श्रद्धालु धामावाला, पलटन बाजार, घंटाघर, कनाट प्लेस होते हुए तिलक रोड स्थित तुलसी प्रतिष्ठान मंदिर में पहुंचे। यात्रा के दौरान सेवादार इस तरह व्यवस्था बनाने में जुटे रहे कि यात्रा सड़क के एक ओर किनारे पर ही रहे। इससे कहीं जाम नहीं लगा। मंदिर में कलश स्थापना के बाद भंडारा किया गया।
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समिति के महामंत्री गोविंद मोहन ने बताया कि शुक्रवार से परेड ग्राउंड में श्रीरामकथा शुरू हो रही है, जिसका समय शाम साढ़े तीन से साढ़े सात बजे तक है। इस मौके पर अरुण अग्रवाल, राकेश, संजय गर्ग, अश्वनी, कमल, राजेंद्र आनंद, नीरज गोयल आदि ने सहयोग किया।
लोगों की जुबानी
मैं मसूरी से अकसर दून आता रहता हूं। कई बार शोभायात्राओं की वजह से जाम झेला है। लेकिन आज ऐसी शोभायात्रा देख मुझे बहुत खुशी हुई।
- संदीप थपलियाल
शोभायात्राओं के नाम पर बैंड बाजे और दर्जनों झांकियां लाने वाले लोगों को इस शोभायात्रा से सीख लेनी चाहिए। इस यात्रा के दौरान कहीं जाम नहीं लगा।
- मीनू
शोभायात्राओं के नाम पर आजकल लोग हुड़दंग करते दिखते हैं। इससे लड़कियों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है। यह शोभायात्रा काबिलेतारीफ रही।
- सोनिया
शोभायात्रा में फिल्मी गानों पर नाचने और लड़कियों से छेड़खानी करने वालों को इस शोभायात्रा से सीख लेनी चाहिए। सब ऐसा करें तो किसी को शोभायात्रा से दिक्कत न हो।
- रेखा वर्मा