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Uttarakhand: अब हर भूमि की होगी एक खास यूनिक आईडी, मिलेगी पूरी कुंडली, राजस्व विभाग तैयार करने में जुटा

Mon, 30 Sep 2024 08:09 AM IST
रेनू सकलानी विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

अब उत्तराखंड में हर भूमि की एक खास यूनिक आईडी होगी। इसे राजस्व विभाग तैयार करने में जुटा है।

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सीएम धामी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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राज्य में हर भूमि के लिए एक खास यूनिक आईडी (विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या) देने की तैयारी चल रही है। इस यूनिक आईडी के जरिए ही भूमि की पूरी कुंडली मिल जाएगी। राजस्व विभाग ने तीन हजार गांव में यह काम पूरा भी कर लिया है, दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

सामान्य तौर पर भूमि के बारे में खसरा- खतौनी से पता चलता है। अब राजस्व विभाग हर भूमि को एक खास यूनिक आईडी देने की तैयारी कर रहा है। इस योजना को केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें प्रत्येक भूमि का एक नंबर मिलेगा, भूमि कहां पर है, उसके देशांतर और अक्षांश निर्देशांक, भूस्वामी की डिटेल आदि भी मिल सकेगी।

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यही राजस्व विभाग प्रत्येक भूमि के अंश निर्धारण संबंधित जानकारी देने की व्यवस्था की भी योजना पर काम कर रहा है। सचिव राजस्व एसएन पांडे कहते हैं कि भूमि की एक खास आईडी देने की योजना है, इसको लेकर राजस्व विभाग कार्य कर रहा है।

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तीन हजार गांव में काम पूरा भी हुआ

राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह कार्य एक मंत्रालय से प्राप्त एक साफ्टवेयर के माध्यम से किया जा रहा है। इसमें डिजिटल मैप, डिजिटल मैप में खेत नंबर और खेत नंबर के देशांतर और अक्षांश निर्देशांक (गूगल कोआर्डिनेट) को मिलाकर विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या को तैयार किया जाता है।

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राज्य में 16 हजार से अधिक गांव है, राजस्व विभाग ने इसमें से तीन हजार से अधिक गांव की भूमि की यूनिक आईडी तैयार भी कर ली है पर इसे अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। भविष्य में सभी भूमि की यूनिक आईडी तैयार होने और उसे सार्वजनिक होने से किसी भूमि के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए खतौनी देखने या फिर विभागीय भूलेख वेबसाइट के माध्यम से तलाश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस नंबर के जरिए आसानी से भूमि के बारे में पता कर सकेंगे।

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