एक माह का एटीआई प्रशिक्षण न दिए जाने से नाराज ईएसआई डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि शासनादेश में अनिवार्य व्यवस्था होने के बावजूद डॉक्टरों को प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा है। इससे प्रशासनिक कार्यों में दिक्कत हो रही है।
ईएसआईएस उत्तराखंड चिकित्सक सेवा संघ ने निदेशक कर्मचारी राज्य बीमा योजना, श्रम चिकित्सा सेवाएं को इस संबंध में ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन के अनुसार प्रदेश में ईएसआई की अभी 22 डिस्पेंसरियां चल रही हैं, इसमें 16 स्थायी डॉक्टर कार्य कर रहे हैं। करीब 22 लाख आईपी इन डिस्पेंसरियों में पंजीकृत हैं।
संघ ने कहा कि तीन डॉक्टर करीब आठ वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं, जबकि शेष 13 नए हैं। इन सभी चिकित्सकों को डॉक्टरों को कार्यालयाध्यक्ष होने के नाते प्रशासनिक कार्य भी करने होते हैं। एटीआई प्रशिक्षण में प्रशासनिक कार्य, नियम कायदों व विषयों की जानकारी दी जाती है।
उन्होंने कहा कि कई बार अनुरोध के बावजूद निदेशालय की ओर से प्रशिक्षण की अनुमति नहीं मिल रही है। यह शासनादेश का भी उल्लंघन है। वहीं निदेशक सूर्यमोहन नौटियाल ने कहा कि आज तक इस तरह की व्यवस्था नहीं रही है। डॉक्टरों को प्रशासनिक प्रशिक्षण से क्या मतलब। वित्तीय मामलों की जितनी जानकारी आवश्यक होती, डॉक्टरों को दी जाती है।