ऊर्जा निगम के उपभोक्ता मीटरों की गड़बड़ी से परेशान हैं। ऊर्जा निगम की लापरवाही उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। हर महीने मंच में 25 से 30 शिकायतें आती है।
इनमें से 90 फीसदी मीटर की खराबी से जुड़ी होती हैं। किसी उपभोक्ता का मीटर खराब होने पर भी सील नहीं किया जाता। किसी को सीलिंग प्रमाणपत्र नहीं मिलता।
अभियंताओं की लापरवाही
बाद में उपभोक्ताओं पर ही आरोप लगाकर निगम फंसा देता है। इसके अलावा गलत रीडिंग से बिल थमाए जा रहे हैं। यही नहीं, मंच के फैसलों का पालन भी निगम के अभियंता नहीं करते।
ऐसे में मंच ने अपने आदेशों की एक-एक प्रति महाप्रबंधक गढ़वाल और प्रबंध निदेशक को भेजने का निर्णय लिया है, ताकि अभियंताओं की लापरवाही पर नजर रहे।
इनकी भी सुनिए
बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ता परेशान हैं। मंच में शिकायतों का निस्तारण होता है, लेकिन अफसर फैसलों का अनुपालन नहीं करते। मंच की ओर से आदेश की प्रति अब महाप्रबंधक और प्रबंध निदेशक को भी भेजी जाएगी, जिससे अफसरों की लापरवाही प्रबंधन के संज्ञान में भी रहे।
-हिमांशु बहुगुणा, सदस्य, उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच