अब चूंकि हाईकोर्ट ने अवैध अतिक्रमण, पट्टों तथा लीज की संपत्तियों को भी खाली कराने का आदेश दिया है। ऐसे में नगर निगम कोर्ट के इस आदेश का इस्तेमाल अरबों की लीज संपतियों पर काबिज लोगों को बेदखल करने में कर सकता है।
नगर निगम ने लीज धारकों की बेदखली के लिए पीपी एक्ट में नगर मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर कर रखे हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन वादों का निस्तारण जल्दी हो जाएगा। क्योंकि काबिज लोगों पर कोई वाजिद आधार नहीं है और सभी बड़े व्यवसायी है।
यहीं नहीं इन लोगों द्वारा नगर निगम को किराया भी नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में इन्हें किराया न देना भी भारी पड़ सकता है। नगर आयुक्त डॉ. ललित नारायण मिश्रा का कहना है कि सरकारी संपत्तियों, सड़कों, नालों से अवैध कब्जेदार तथा अतिक्रमण करने वाले हटाए जाने हैं। आदेशानुसार इन्हें हटाने की कार्रवाई चल रही है।