जिलाधिकारी के अनुरोध पर देहरादून में नगर निगम सीमा के भीतर बुधवार से शुरू होने जा रहे अतिक्रमण हटाओ महाअभियान की शुरुआत अब बृहस्पतिवार से होगी। पहले चरण के अभियान में राजपुर रोड से अतिक्रमण नहीं हटाया गया था। लेकिन इस बार राजपुर रोड, प्रेमनगर में हुआ दोबारा अतिक्रमण और आरकेडिया क्षेत्र के मुख्य मार्ग अभियान की हिट लिस्ट में शामिल हैं। सबसे पहले अतिक्रमण उन स्थानों से हटाया जाएगा, जिनके संबंध में शासन को 100 से अधिक शिकायतें की गई हैं। इन शिकायतों में अतिक्रमण अभियान को पुन: शुरू करने की मांग की गई है।
साथ ही उन स्थानों का जिक्र किया गया है जहां सरकारी भूमि पर अतिक्रमण होने की शिकायत की गई है। अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश के मुताबिक, निकाय चुनाव, लोकसभा चुनाव और कांवड़ यात्रा में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की व्यस्तता के चलते अभियान रुक गया था। लेकिन अब अभियान पूरी तेजी से और तब तक चलेगा जब तक चिन्हित अतिक्रमण नहीं हटा दिए जाते। उनके मुताबिक, करीब एक महीने तक लगातार अभियान चलाया जाएगा और हर दिन इसकी समीक्षा होगी।
सरकार का अनुमान है कि शहर में 8000 के करीब और नए अतिक्रमण हो सकते हैं। टास्क फोर्स को तत्काल अतिक्रमण चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। एसीएस के मुताबिक, अभियान के पहले चरण में 8500 अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे, जिनमें से नब्बे फीसदी हटाए जा चुके हैं। दोबारा अतिक्रमण की भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
आज सिंचाई विभाग को जाएगा पत्र
अपर मुख्य सचिव सिंचाई विभाग को एक पत्र लिखेंगे। विभाग से यह पूछा जाएगा कि राजपुर रोड से दिलाराम चौक के बीच जो सिंचाई विभाग की नहर है, उस पर क्या अवैध कब्जा हुआ है? यदि विभाग सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे होने की सूचना देगा, तो अभियान के दौरान वहां से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तत्काल आरंभ कर दी जाएगी। यदि विभाग इस मामले में अतिक्रमण न होने की सूचना देगा तो फिर इस मामले में विभाग को ही अदालत में जवाब दाखिल करने के कहा जाएगा। बता दें कि राजपुर के मामले में अदालत में जवाब देना है।
कालोनियों के मार्गों से भी हटेगा अतिक्रमण
अतिक्रमण हटाने का अभियान आवासीय कॉलोनियों को जोड़ने वाले सार्वजनिक मार्गों पर भी चलाया जाएगा। अपर मुख्य सचिव ने एमडीडीए के अधिकारियों को ऐसे अतिक्रमण चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। कॉलोनियों के भीतर आवास और एमडीडीए अपने मानकों के हिसाब से अतिक्रमण हटाएगा।
अभियान के दौरान कब्जे हटाने के बाद क्षेत्रवार अधिकारियों और कर्मचारियों को नियुक्त कर दिया जाएगा। जिस अधिकारी के क्षेत्र में दोबारा अतिक्रमण होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
दो साल की हो सकती है जेल
अपर मुख्य सचिव के मुताबिक अतिक्रमणकारियों पर नगर नियोजन अधिनियम की धारा 26 ए के तहत दो साल की जेल और 20 हजार रुपये का जुर्माने की कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश को अक्षरश: लागू किया जाएगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिलाधिकारी सी. रवि शंकर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी, उपाध्यक्ष एमडीडीए आशीष श्रीवास्तव, सचिव एमडीडीए जीसी गुणवंत, एडीएम रामशरण शर्मा, अनु सचिव लोनिवि अनुभाग उत्तराखंड दिनेश कुमार पुनेठा सहित टास्क फोर्स से जुड़े तमाम अधिकारी उपस्थित रहे।