- राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्य सचिव को दिया आंदोलन का नोटिस
- 18 सूत्री मांगें पूरी न होने के विरोध में करेंगे चरणबद्ध आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने 15 जनवरी से आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। साल के आखिरी दिन परिषद ने मुख्य सचिव को विधिवत आंदोलन का नोटिस दे दिया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि 18 सूत्री मांगें पूरी न हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
परिषद प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे, प्रदेश महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट ने बताया कि लंबे समय से परिषद की ओर से शासन एवं सरकार के स्तर पर कई दौर की वार्ताएं उपरोक्त मांगों के निराकरण के लिए की गई, लेकिन शासन की ओर लगातार मांगों को लटकाने का कार्य किया जाता रहा। अब राज्य कर्मचारी और अधिक इंतजार नहीं कर सकते हैं, उनमें व्यापक रोष व्याप्त है।
27 दिसंबर को प्रदेश कार्यकारिणी में परिषद के समस्त घटक संघों, परिषद की जिला एवं मंडल इकाइयों के पदाधिकारियों से उपरोक्त विषय पर व्यापक विचार विमर्श किया गया। सभी ने एकमत होकर राज्यव्यापी आंदोलन चलाने की मांग केंद्रीय कार्यकारिणी से की थी। प्रदेश प्रवक्ता आरपी जोशी ने बताया कि परिषद का यह आंदोलन 15 जनवरी 2026 से विभिन्न विभागों की गेट मीटिंग से प्रारंभ होगा, जिसमें फिर जिला स्तरीय धरना, प्रदेश स्तरीय धरना, विधायकों को ज्ञापन सहित 13 मार्च को प्रदेश स्तरीय रैली के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की गई है।
कार्मिकों के मांगपत्र की प्रमुख मांगें पूर्व की भांति 10, 16, 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नत वेतनमान सहित एसीपी, गोल्डन कार्ड में कैशलेश जांच एवं ओपीडी में जनऔषधि केंद्रों से मुफ्त दवाएं, वेतन समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक करना, एनपीएस के स्थान पर ओपीएस की बहाली सहित कुल 18 मांगें सम्मिलित हैं।