मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आंदोलन कर रहे कर्मचारी संगठनों से उनके मसलों का हल निकालने के लिए थोड़ा समय मांगा है, लेकिन कर्मचारी संगठन मोहलत देने के मूड में नहीं हैं।
उनका कहना है कि अभी तक कर्मचारी मोहलत ही दे रहे थे। कर्मचारी हड़ताल नहीं चाहते हैं, फिर भी वादाखिलाफी होने पर आंदोलन के लिए बाध्य हैं।
विभिन्न कर्मचारी संगठनों के शीर्ष संगठन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का कहना है कि शासन खुद ही ऐसे आदेश करता है जिससे कर्मचारी आंदोलित हों। विभिन्न संवर्गों का अलग-अलग आदेश होता है।
भिन्नता के कारण कर्मचारी आंदोलित हो जाते हैं। फिर शासन के अधिकारी सालों वादा करते रहते हैं। आखिर में कर्मचारी आंदोलित हो जाता है।