पौड़ी के सनेह क्षेत्र के रामपुर में हाथियों से आतंक से परेशान कमल सिंह रावत अपना घर छोड़ दिया। उन्होंने गांव के दूसरे परिवार के यहां शरण ली है।
सोमवार रात के दो बजे एक बार फिर हाथियों के झुंड ने कमल सिंह रावत के आंगन में उत्पात मचाया। उन्होंने रातभर एक बीघा खेत में उगी गेहूं की फसल चट कर रौंद डाली। लोगों ने सुबह शोर मचाकर किसी तहरह हाथियों को खेत से जंगल की ओर खदेड़ा।
दूसरे घर में ली शरण
हाथियों के आतंक से भयभीत कमल सिंह अपना घर छोड़कर गांव में मोहन सिंह रावत के घर में शरण ले ली है। उधर लैंसडौन वन प्रभाग के एसडीओ जेएस रावत ने बताया कि बजट समाप्त होने के कारण रामपुर क्षेत्र में हाथी सुरक्षा दीवार नहीं बन पाई।
सुरक्षा दीवार बनाने के लिए जिला योजना में प्रस्ताव भेजा गया है। फिलहाल लोगों की सुरक्षा के लिए क्षेेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है।
आमरण अनशन की चेतावनी
आए दिन हाथियों के आतंक से भयभीत कमल सिंह रावत ने वन विभाग से सुरक्षा नहीं देने का आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी से उनके परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। मंगलवार को उपजिलाधिकारी जीआर बिनवाल को ज्ञापन देकर आप बीती सुनाई।
कहा कि वन विभाग सुरक्षा देन से इनकार कर रहा है। प्रशासन से भी सुरक्षा नहीं मिलने पर एसडीएम कार्यालय के सामने परिवार के लोगों के साथ आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी।