परिवार संग दिल्ली से ऋषिकेश छुट्टियां मनाने आई एक लड़की को नीलकंठ पैदल मार्ग पर हाथी ने दौड़ाकर मार डाला। खौफजदा परिजनों ने बमुश्किल भागकर जान बचाई। सभी नीलकंठ धाम दर्शन के लिए जा रहे थे। हादसे से परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचे वनकर्मी और पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया।
मंगलवार दोपहर आशीष राय चौधरी निवासी चितरंजन भवन सीएफएक्स, नई दिल्ली पत्नी अनिता, पुत्री ममिता, पुत्र अमित और साडू जनार्दन यादव, उनकी पत्नी स्वाति और पुत्र के साथ नीलकंठ धाम दर्शन के लिए जा रहे थे।
बताया कि बाघखाला से पांच सौ मीटर आगे रिंगखाला के पास पहुंचे, तभी मार्ग पर एक हाथी टहलता दिखाई दिया। हाथी देख परिवार के सदस्य दहशत में आ गए। जान बचाने के लिए उनमें भगदड़ मच गई। जैसे ही सभी नीचे की ओर भागने लगे, तभी पत्थर पर ठोकर लगने से ममिता (14) मार्ग पर जा गिरी।
पीछे से आए हाथी ने उसका का सिर कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है लड़की को मारने के बाद हाथी जंगल की ओर चला गया।
हाथियों का मस्तकाल, न गश्त, न पुलिस पिकेट
घटना से वन विभाग और पुलिस में हड़कंप मच गया। उप वनक्षेत्राधिकारी अली हसन वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना कर शव कब्जे में लिया। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची।
अक्तूबर से फरवरी तक हाथी का मस्तकाल रहता है। इन दिनों हाथी आक्रामक होने से हमले की आशंका रहती है। राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र से सटे नीलकंठ पैदल मार्ग पर हाथी की आमद बनी रहती है। हैरत की बात यह कि नीलकंठ पैदल मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। हादसे के दौरान सुरक्षा की पोल खुली।
पैदल मार्ग पर न तो वन विभाग की गश्त थी और न ही पुलिस पिकेट में पुलिस की तैनाती। ऐसे में यात्री जान जोखिम में डालकर पैदल मार्ग पर नीलकंठ यात्रा कर रहे हैं।
हे भगवान मेरी बेटी लौटा दो...
घटना के बाद रोते बिलखते आशीष राय चौधरी ने बताया कि नए साल में परिवार के साथ हंसी खुशी धर्मनगरी हरिद्वार घूमने आए थे। दो दिन हरिद्वार में ठहरने के बाद मंगलवार सुबह लक्ष्मणझूला आए थे।
दोपहर सभी ने नीलकंठ धाम के दर्शन का कार्यक्रम बनाया। बीच रास्ते में ही उनकी बेटी जिंदगीभर के लिए उनसे जुदा हो गई। ममिता की मौत से मां का भी रो रोकर बुरा हाल था। सिसकते हुए बस एक ही बात बोल रही थी, हे भगवान मेरी बेटी लौटा दो...।
दो दिन पहले टीम को दौड़ाया
बीते रविवार की रात स्वर्गाश्रम स्थित प्रेमवर्णी आश्रम के पास हाथी आ धमका था। आश्रम की सूचना पर पार्क कर्मी और पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे। हाथी ने उनके पीछे दौड़ लगा दी। जान बचाने के लिए टीम ने दौड़ लगा दी। इस बीच एक सिपाही गिरकर चोटिल हो गया था।
वन कर्मियों ने कई राउंड हवाई फायर झोंककर हाथी को बमुश्किल खदेड़ा था। बताया जा रहा कि बीते सोमवार की रात भी क्षेत्र में हाथी की चहलकदमी रही।