मौसम से इस साल यूपीसीएल को सुकून
मई में बिजली की मांग और उपलब्धता के नजरिये से देखें तो इस बार मौसम की मेहरबानी के चलते यूपीसीएल को काफी सुकून है। पिछले साल मई के शुरुआती सप्ताह में बिजली की मांग पांच करोड़ यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच गई थी जो कि इस वक्त चार करोड़ 20 लाख यूनिट के करीब है। उधर, बारिश होने की वजह से यूजेवीएनएल का बिजली उत्पादन भी पिछले साल मई के मुकाबले इस साल करीब 50 लाख यूनिट अधिक हो रहा है। यूपीसीएल के पास पर्याप्त बिजली होने की वजह से फिलहाल कटौती से भी राहत है।
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बिजली चोरी पर यूपीसीएल ने दर्ज कराए 3830 मुकदमे
बिजली चोरी रोकने को यूपीसीएल लगातार प्रयास कर रहा है। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि पिछले एक साल में उनके अधिकारियों ने प्रदेश में 16180 कनेक्शनों की जांच की, जिनमें से 3830 बिजली चोरी के मामलों में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इससे यूपीसीएल को दो करोड़ 37 लाख रुपये राजस्व की प्राप्ति भी हुई है। उन्होंने बताया कि विजिलेंस ने भी सालभर में जो मामले पकड़े हैं, उनकी संख्या में 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। उन्होंने उपभोक्ताओं से आह्वान किया कि वे बिजली चोरी की सूचना 1912 नंबर पर दे सकते हैं।